
अगरतला, 2 जुलाई . अधिकारियों ने बताया कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने Thursday को अगरतला रेलवे स्टेशन पर बिहार से आई एक मालगाड़ी से 6.54 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप का बड़ा जखीरा जब्त किया.
त्रिपुरा में पिछले साल अक्टूबर में हुई बड़ी बरामदगी के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है. डीआरआई ने मालगाड़ी से एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप की 100-100 मिलीलीटर की 55,626 बोतलें जब्त की हैं. इन दोनों कफ सिरप का अक्सर नशे के लिए गलत इस्तेमाल किया जाता है.
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की मदद से खेप को रोका और सुब्रत देब (34) नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया.
त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक प्राइवेट बिजनेस फर्म के मैनेजर बताए जा रहे देब कथित तौर पर राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित अगरतला रेलवे स्टेशन पर गैर-कानूनी खेप लेने आए थे.
अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बिहार के कटिहार से बुक की गई थी और इसे मालगाड़ी से जुड़ी हाई-कैपेसिटी पार्सल वैन में भेजा गया था.
एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड होते हैं. इन दवाओं का भारत, पड़ोसी देश बांग्लादेश और कुछ अन्य देशों में अक्सर नशे के रूप में गलत इस्तेमाल किया जाता है.
डीआरआई ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया है, और तस्करी के इस रैकेट में शामिल सोर्स, इसे पाने वालों और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.
पिछले साल 17 अक्टूबर को त्रिपुरा Police क्राइम ब्रांच (टीपीसीबी) ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से एक मालगाड़ी से लगभग 5.4 करोड़ रुपए की कीमत का प्रतिबंधित ‘एस्कफ’ कफ सिरप का बड़ा खेप जब्त किया. यह मालगाड़ी मुर्गियों का दाना, चावल और अन्य सामान लेकर 16 अक्टूबर को दिल्ली से पश्चिम त्रिपुरा के जिरानिया रेलवे स्टेशन पहुंची थी. इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें राजीव दासगुप्ता (42) भी शामिल थे, जिन्हें इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं में से एक माना जाता है.
Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि दासगुप्ता कई पूर्वोत्तर राज्यों में चल रहे ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क में अहम भूमिका निभाते थे.
आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों के बीच चलने वाली ट्रेनों से गांजा (मारिजुआना) समेत नशीले और प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं. इससे पता चलता है कि तस्कर अवैध सामान की तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
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एसएचके/डीकेके
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