
Lucknow, 18 अगस्त . भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश में पार्टी की नई संगठनात्मक नियुक्ति, अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान मामले की जांच, वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस की टिप्पणियों समेत कई अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस पर कई मुद्दों को लेकर राजनीति करने और देशहित से जुड़े विषयों पर भी विरोध का रुख अपनाने का आरोप लगाया.
उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रभारी के रूप में विनोद तावड़े की जिम्मेदारी को लेकर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि राज्यों में प्रभारी नियुक्त करना भाजपा की संगठनात्मक कार्यपद्धति का हिस्सा है. प्रभारी केंद्र और राज्य संगठन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए पार्टी के संगठन को बेहतर तरीके से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. तावड़े के उत्तर प्रदेश प्रभारी बनने से भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह है. वे छात्र जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे और इसके बाद भाजपा में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. उनके पास लंबे Political अनुभव के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में संगठन और चुनावी रणनीति पर काम करने का अनुभव है.
बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां तावड़े की रणनीति का भाजपा को लाभ मिला और पार्टी ने शानदार जीत हासिल की. आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए तावड़े के अनुभव से प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं और संगठन को भी लाभ मिलेगा.
अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपे जाने पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से उत्तर प्रदेश Government से इस मामले की जांच के लिए टीम गठित करने का अनुरोध किया गया था. Government ने 24 घंटे के भीतर एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर First Information Report दर्ज हुई, गिरफ्तारियां हुईं और आरोपियों को जेल भेजा गया. बाद में Supreme Court के निर्देश के बाद जांच टीम का विस्तार किया गया. विस्तारित एसआईटी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहियों को एकत्र करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है.
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. एसआईटी की ओर से दी गई सिफारिशों को लागू करने की दिशा में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास भी काम करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और राम भक्तों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे.
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर भी राकेश त्रिपाठी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. वंदे मातरम देश की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा गीत है और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अनेक क्रांतिकारियों ने इसे प्रेरणा के रूप में अपनाया था. ऐसे राष्ट्रीय प्रतीक को Political विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उस टिप्पणी, जिसमें उन्होंने पुराने संस्करण को गाने को अपराध बताए जाने के संदर्भ में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज किए जाने की बात कही थी, पर त्रिपाठी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार वंदे मातरम को लेकर ऐसी टिप्पणियां कर रही है, जिससे राष्ट्रीय गीत का अपमान होता है.
खड़गे द्वारा मोदी Government पर लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार को कमजोर करने के आरोपों पर भी भाजपा प्रवक्ता ने जवाब दिया. त्रिपाठी ने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है, लेकिन यह स्वतंत्रता युक्तियुक्त प्रतिबंधों के अधीन है. अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ यह नहीं है कि कोई व्यक्ति बिना किसी मर्यादा के कुछ भी प्रकाशित या प्रसारित कर सकता है.
उन्होंने social media का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाने या समाज के लिए नुकसानदायक सामग्री प्रसारित करने का प्रयास करता है, तो ऐसी सामग्री पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है. ये नियम किसी एक Political दल या वर्ग के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए समान होने चाहिए. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके साथ संविधान में निर्धारित युक्तियुक्त प्रतिबंधों का पालन भी जरूरी है.
अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय चुनाव आयोग की प्रशंसा किए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर भी राकेश त्रिपाठी ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि India जैसे विशाल देश में बड़ी आबादी, अनेक राज्यों और भौगोलिक विविधताओं के बावजूद चुनाव आयोग जिस तरह चुनाव प्रक्रिया संचालित करता है, उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना होती है. दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों के प्रतिनिधि India की चुनावी व्यवस्था का अध्ययन करने आते हैं. अगर अमेरिका जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के President India की चुनाव प्रणाली और चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हैं तो इसे देश के लिए गर्व की बात माना जाना चाहिए.
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह देशहित से जुड़े मुद्दों पर भी विरोध का रास्ता अपनाती है. Political दलों को भाजपा का विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें India और देश की संस्थाओं का विरोध नहीं करना चाहिए.
राहुल गांधी द्वारा जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान Police कार्रवाई को लेकर केंद्र Government पर निशाना साधे जाने पर भी राकेश त्रिपाठी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर छात्रों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्र Government छात्रों के मुद्दों को लेकर पहले से संवेदनशील रही है और Government ने छात्रों की मांगों को लेकर लगातार कदम उठाए हैं.
वहीं, Police कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बल का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने राहुल गांधी पर Police कार्रवाई को लेकर एकतरफा Political बयान देने और छात्रों के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया.
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