
Mumbai , 24 मई . Actor अभिमन्यु सिंह लंबे समय से अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. चाहे खलनायक का रोल हो या फिर गंभीर किरदार, उन्होंने हमेशा अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है. इन दिनों वह अपनी वेब सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं.
इस बीच उन्होंने को दिए एक इंटरव्यू में Bollywood और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके, अपने किरदार की तैयारी और ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ के दूसरे सीजन की जिम्मेदारी को लेकर खुलकर बात की.
दरअसल, जब ने अभिमन्यु सिंह से पूछा कि कई कलाकार मानते हैं कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादा अनुशासन और समय की पाबंदी देखने को मिलती है, जबकि Bollywood का माहौल अलग होता है. इस सवाल पर अभिमन्यु ने कहा, ”मुझे ऐसा कोई बड़ा अंतर महसूस नहीं हुआ. Bollywood में भी लोग समय का पूरा ध्यान रखते हैं. यहां भी बड़े स्तर पर फिल्में पूरी प्रोफेशनल सोच और मेहनत के साथ बनाई जाती हैं. दोनों इंडस्ट्री में मेहनती लोग मौजूद हैं और दोनों जगह अच्छा काम हो रहा है.”
अभिमन्यु सिंह ने आगे कहा, ”मैं Bollywood और साउथ सिनेमा को अलग नजर से नहीं देखता. दर्शकों के लिए सबसे जरूरी फिल्म और कलाकार का काम होता है. अगर कहानी अच्छी हो और कलाकार ईमानदारी से अभिनय करें, तो भाषा या इंडस्ट्री का फर्क मायने नहीं रखता. आज के समय में दर्शक हर तरह का कंटेंट देख रहे हैं और अच्छी फिल्मों को हर जगह प्यार मिल रहा है.”
वेब सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ में अभिमन्यु सिंह का ‘देवी’ वाला किरदार काफी अलग और चुनौतीपूर्ण था. इस रोल को निभाने के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर खुद को पूरी तरह बदलना पड़ा.
उन्होंने कहा, ”शुरुआत में मुझे खुद भी समझ नहीं आ रहा था कि किरदार को किस तरह निभाना है. इसके लिए मैंने काफी समय अकेले बिताया और लोगों से ज्यादा बातचीत करने से बचता रहा. मेरा मानना था कि अगर मैं किरदार की भावनाओं और मानसिक स्थिति को महसूस करुंगा, तभी उसे पर्दे पर सच्चाई के साथ दिखा पाऊंगा. किसी भी किरदार को निभाने के लिए सिर्फ डायलॉग बोलना काफी नहीं होता, बल्कि उसके दर्द, सोच और भावनाओं को भी समझना जरूरी होता है.”
अभिमन्यु सिंह ने बताया कि इस किरदार के लिए उनका शारीरिक बदलाव बेहद मुश्किल था. साड़ी पहनना, महिला जैसे लुक में तैयार होना और उस अंदाज को पूरी सहजता के साथ निभाना आसान नहीं था. इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी. इस रोल में बहुत धैर्य और समर्पण की जरूरत थी. दर्शकों ने उनके इस प्रयास को पसंद किया और अभिनय की सराहना की.
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पीके/एबीएम
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