मध्य पूर्व में तनाव न बढ़ाएं, सभी पक्ष बरतें संयम: चीन

बीजिंग, 11 जून . चीन ने मध्य-पूर्व में चल रही सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील की है. Thursday को मीडिया ब्रीफिंग में चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका, ईरान समेत सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “सभी संबंधित पक्ष एक दूसरे को उकसाना, तनाव बढ़ाने वाली सैन्य गतिविधियां करना तुरंत बंद करें और एक दूसरे से संवाद स्थापित करें.”

लिन से 10 जून के बाद क्षेत्र में बिगड़ते हालात को लेकर सवाल किया गया तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, ” मध्यस्थता की कोशिशों का समर्थन किया जाना चाहिए ताकि जल्द से जल्द स्थायी युद्धविराम हो सके.”

चीन ने यह भी कहा कि क्षेत्र के सभी देशों की सुरक्षा और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए.

Wednesday को यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से दावा किया गया कि उसने आत्मरक्षा के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान के वायु रक्षा तंत्र, नियंत्रण केंद्रों और निगरानी रडार ठिकानों पर कार्रवाई की. अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, यह हमला एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में किया गया था.

इसके बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों को निशाने पर लिया. बहरीन और जॉर्डन समेत विभिन्न देशों के कुल 22 यूएस ठिकानों पर हमले का दावा किया. ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) ने बताया कि बहरीन स्थित अमेरिका के पांचवें बेड़े को भी निशाना बनाया गया.

Thursday को भी ये जारी रहा. इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने हालिया हमले के जवाब में अमेरिकी एफ-35, एफ-15 और एफ-16 लड़ाकू विमानों की तैनाती वाली जगहों को निशाना बनाया. यह जानकारी Thursday को आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में दी गई.

आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने कथित तौर पर Thursday तड़के 12 बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ यह अभियान शुरू किया. आईआरजीसी ने कहा कि हमलों में अमेरिकी एफ-35, एफ-15 और एफ-16 लड़ाकू विमानों की तैनाती वाले ठिकानों के साथ-साथ अल-अजराक एयर बेस (जॉर्डन) और वहां स्थित अमेरिकी सेना के महत्वपूर्ण नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया गया.

केआर/