कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षणों को ना करे नजरअंदाज, ऐसा करना युवाओं के लिए साबित हो रहा जानलेवा


जयपुर (jaipur) . युवाओं को कोरोना के लक्षण नजरंदाज करना भारी पड रहा है. देश में कोरोना (Corona virus) की पहली लहर में बुजुर्ग उम्र के लोग इसकी चपेट में ज्यादा आए थे. इस बार नौजवान और कम आयु के लोग बड़ी संख्या में महामारी (Epidemic) के चपेट में आ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं की जीवन शैली उनके लिए जानलेवा साबित हो रही है. कोविड-19 (Covid-19) के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ रहा है.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने कहा कि राजधानी दिल्ली में काफी संख्या में युवा मोटापा, मधुमेह और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं. ऐसे लोगों में संक्रमण की आंशका सबसे अधिक रहती है. युवाओं में शुरुआत में ज्यादा लक्षण दिखाई नहीं देते. इस कारण वे गले में खराश, बॉडी पेन जैसे हल्के लक्षणों को अनदेखा करते हैं. इसका परिणाम होता है कि दूसरे सप्ताह में बीमारी गंभीर रूप ले लेती है. डॉक्टरों (Doctors) का कहना है कि कोरोना होने पर घबराएं नहीं. धैर्य व समझदारी से इसका मुकाबला करें. पूरी तरह सकारात्मक माहौल रखें. समस्या गंभीर होने पर लोग अपनी मर्जी से दवा लेकर सेवन करने लगते हैं.

बहुत लोग डॉक्टर (doctor) के सलाह के बिना खुद स्टेरायड का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं, जिससे नुकसान होता है. संक्रमण होने पर जल्द स्वस्थ होने के लिए आराम करना बेहद जरूरी है. खूब पानी पीए और ओआरएस लेना चाहिए ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं हो. कोरोना से ना घबराएं, लक्षण दिखने पर टेस्ट कराएं. घर पर ही रहकर भरपूर आराम करना चाहिए. डॉक्टर (doctor) की सलाह से घर पर ही रहकर इलाज शुरू कर दें. सामान्य वायरल व कोरोना के लक्षण करीब-करीब एक जैसे हैं. गले में खराश, बदन दर्द जैसे हल्के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करें. जुकाम, थकान, हल्का बुखार होने पर भी जांच कराएं.

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