आईयूएमएल के गठबंधन से अलग होने पर बोले डीएमके प्रवक्ता, कहा- हमारे रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं

चेन्नई, 20 जून . द्रविड मुनेत्र कझगम (डीएमके) के प्रवक्ता टी.के.एस. इलांगोवन ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के गठबंधन से अलग होने पर प्रतिक्रिया दी. Saturday को उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि डीएमके के संबंध आईयूएमएल के साथ शुरू से ही काफी अच्छे रहे हैं. अब उन्होंने अगर हमसे अलग होने का फैसला किया है, तो हम इसमें क्या ही कर सकते हैं.

समाचार एजेंसी से बातचीत में टी.के.एस. इलांगोवन ने कहा कि अगर रिश्तों की बात करें तो इस पार्टी से हमारे रिश्ते हमेशा से अच्छे रहे हैं. अब यह देखना होगा कि आगामी दिनों में Political स्थिति कैसी रहती है.

उन्होंने नीट की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के मामले में भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, यह नीट की तैयारी कर रहे किसी छात्र द्वारा आत्महत्या करने का कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इस तरह के मामले प्रकाश में आ चुके हैं. इसी को देखते हुए हम लगातार यही कह रहे हैं कि नीट की परीक्षा को अब वापस लिया जाना चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि एक गरीब घर का छात्र, जो शुरू से ही पढ़ने में होनहार होता है. शुरू से ही परीक्षा में उसके अच्छे अंक आते हैं, लेकिन उसका सेलेक्शन नीट में नहीं होता है और जो किसी महंगी कोचिंग में जाकर क्लास लेता है. उसका दाखिल हो जाता है, तो कुल मिलाकर इस पूरी स्थिति में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है. ऐसी स्थिति हो चुकी है कि पैसा अब नीट का एग्जाम क्लियर करने का माध्यम बन चुका है. उधर, अब उत्तर India में नीट का पेपर लीक हो रहा है. इसी वजह से ज्यादा से ज्यादा उत्तर India के विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल रहा है, जिसे मैं पूरी तरह से गलत मानता हूं. हमारी शुरू से ही यह मांग है कि नीट की परीक्षा को वापस लिया जाए.

वहीं, राज्य में शराब के ज्यादा से ज्यादा ब्रांड लाए जाने पर भी डीएमके प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राज्य Government चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग ड्रिंक करें. उन्होंने तमिलनाडु की भी कानून व्यवस्था पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में अपराध से जुड़ी कई घटनाएं प्रकाश में आई हैं, जिसमें टीवीके के लोग शामिल पाए गए हैं. ये वो लोग हैं, जो महिलाओं के साथ अपमान कर रहे हैं, इसलिए ये लोग विधानसभा के सत्र को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि किसी भी मुद्दे पर खुलकर चर्चा नहीं हो सके.

साथ ही राज्य में एआईएडीएमके के ज्यादा से ज्यादा नेता टीवीके सहित अन्य दलों में शामिल हो रहे हैं, जिस पर डीएमके प्रवक्ता टी.के.एस. इलांगोवन ने कहा कि ऐसी स्थिति में एआईएडीएमके को प्रभावित कर सकती है, लेकिन डीएमके को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.एआईएडीएमके में इस तरह की स्थिति इसलिए पैदा हो रही है, क्योंकि वहां का शीर्ष नेतृत्व में कमजोर है.

एसएचके/