
चेन्नई, 3 मई . विदुथलाई चिरुथिगल काची ( के) अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने Sunday को कहा कि डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ‘भारी जीत’ के लिए तैयार है.
Bengaluru से लौटने के बाद के प्रमुख ने चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनका आकलन चुनाव प्रचार के दौरान प्राप्त व्यापक जमीनी स्तर की प्रतिक्रिया पर आधारित है. उन्होंने 40 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं से सीधे बातचीत की, जिससे द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में एक मजबूत लहर का संकेत मिलता है.
थिरुमावलवन ने कहा, “चुनाव के बाद अधिकांश सर्वेक्षणों में गठबंधन की स्पष्ट जीत का संकेत मिला है. हालांकि, कुछ सर्वेक्षणों में वैकल्पिक परिणाम बताए गए हैं, लेकिन समग्र रुझान यही दर्शाता है कि डीएमके अपने दम पर Government बनाएगी और सत्ता में बनी रहेगी.”
कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन सहयोगियों को पर्याप्त समर्थन न देने के लिए के कार्यकर्ताओं की आलोचना करने वाली टिप्पणियों का के प्रमखु ने खंडन किया.
उन्होंने कहा, “मैंने केवल कुछ निर्वाचन क्षेत्रों का जिक्र किया था, जहां सुधार की आवश्यकता थी. इस तरह की टिप्पणियां नियमित संगठनात्मक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन कुछ लोग गठबंधन में भ्रम पैदा करने के लिए इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, डीएमके गठबंधन को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं हुए हैं.”
के नेता ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा बन सकती है या Actor से नेता बने विजय एक निर्णायक शक्ति केंद्र के रूप में उभर सकते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बातें ‘दक्षिणपंथी समूहों’ और सट्टेबाजी गिरोहों द्वारा फैलाई जा रही हैं, जो जनता की राय को प्रभावित करना चाहते हैं.
थिरुमावलवन ने कहा, “चुनाव से पहले सट्टेबाजी के रुझान डीएमके के पक्ष में थे. मतदान के बाद, ध्यान विजय पर केंद्रित हो गया. ये जुआ गिरोहों द्वारा फैलाई गई अफवाहें हैं और सच्चाई परिणाम घोषित होने पर ही पता चलेगी.”
उन्होंने विजय का समर्थन करने वाले एक पूर्व Police अधिकारी के बयानों पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसे विचार उनके दावों को विश्वसनीयता प्रदान नहीं करते.
थिरुमावलवन ने social media प्लेटफॉर्मों की आलोचना करते हुए कहा कि वे विजय की लोकप्रियता को अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं. विजयकांत, वाइको और एस. रामदास जैसे पूर्व Political नेताओं से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों के तेजी से विस्तार के कारण ऑनलाइन प्रचार का वर्तमान स्तर अभूतपूर्व है.
उन्होंने आगे कहा, “सभी युवा विजय का समर्थन नहीं करते. कई युवाओं ने उनके खिलाफ वोट दिया है. social media अक्सर असहमति के विचारों को नजरअंदाज करते हुए एक व्यक्ति को नायक के रूप में पेश करता है.”
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ओपी/डीकेपी
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