
कोलकाता, 3 जून . पश्चिम बंगाल में Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई Government के विस्तारित मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे की घोषणा फिलहाल टाल दी गई है. पहले यह फैसला Wednesday को होने की संभावना थी, लेकिन अब इसके 5 जून को घोषित किए जाने की उम्मीद है.
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया Wednesday को आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में पूरी नहीं हो सकी. यह नई Government की तीसरी कैबिनेट बैठक थी. कुछ तकनीकी कारणों से विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया, जिसके बाद इसे दो दिन के लिए टाल दिया गया.
गौरतलब है कि 1 जून को कोलकाता स्थित लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी. इनमें 13 कैबिनेट मंत्री, तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री शामिल थे.
इन 35 मंत्रियों के शपथ लेने के बाद पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो गई है. इससे पहले 9 मई को Chief Minister सुवेंदु अधिकारी सहित छह मंत्रियों ने शपथ ली थी.
13 नए कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने के बाद Chief Minister समेत कैबिनेट रैंक के मंत्रियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है. ऐसे में अभी तीन और मंत्रियों को शामिल किए जाने की गुंजाइश बनी हुई है.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि वित्त और उद्योग एवं वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाएंगे. Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने 9 मई को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद स्पष्ट किया था कि उनकी Government की प्राथमिकताओं में कर्ज के बोझ से दबे राज्य के खजाने को मजबूत करना और बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधार करना शामिल होगा.
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से जुड़े सूत्रों का कहना है कि Chief Minister फिलहाल वित्त विभाग अपने पास रख सकते हैं. पार्टी के भीतर चर्चा है कि दिल्ली के एक प्रतिष्ठित बंगाली अर्थशास्त्री को नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव जिताकर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है और बाद में उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.
हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीत हासिल की थी. भवानीपुर सीट पर उन्होंने पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था.
बाद में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट को बरकरार रखने का फैसला किया, जिसके चलते नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली हो गई और वहां उपचुनाव होना तय है.
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डीएससी
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