टीएमसी में विभाजन तय, ममता बनर्जी के लिए पार्टी बचा पाना बेहद मुश्किल: राजीव रंजन

Patna, 14 जून . जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने दिल्ली में टीएमसी के बागी विधायकों की बैठक, Prime Minister Narendra Modi के विदेश दौरे और पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों द्वारा ट्रेन में तोड़फोड़ को लेकर प्रतिक्रिया दी. इसके साथ ही दावा किया जल्द ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का विभाजन तय है.

दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने से कहा, “टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों को अब टीएमसी पर बोझ के रूप में देखा जा रहा है. ऐसे में दोनों एक-दूसरे से दूरी बनाने की होड़ में हैं, यही वजह है कि पहले कई विधायक अलग हुए और अब सांसदों के बीच टूट हो रही है.”

ममता बनर्जी द्वारा टीएमसी संगठन में बड़े बदलाव करने पर राजीव रंजन ने कहा, “ये तो होना ही था. जिस तरह टीएमसी को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी और उदासीनता है. इससे लगता है कि ममता बनर्जी को पार्टी बचा पाना और संभाल पाना बहुत मुश्किल है.

Prime Minister Narendra Modi के फ्रांस दौरे पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, “इस दौरे के दौरान कई द्विपक्षी समझौते होने की संभावनाएं हैं. India और फ्रांस के बीच व्यवसायिक रणनीतिक और सामरिक साझेदारी का लंबा समृद्ध इतिहास रहा है. आज इमैनुएल मैक्रों और Prime Minister Narendra Modi के बीच हुई बैठक India और फ्रांस दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.”

पाटलिपुत्र स्टेशन पर पथराव और अफरातफरी पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि छात्रों को विपक्ष की उकसावे वाली हरकतों का शिकार नहीं होना चाहिए. वे India का भविष्य हैं और उन्हें शांत और अनुशासित रहना चाहिए. हाल के दिनों में छात्र पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देने के बजाय बार-बार ऐसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं. यह उनके भविष्य के लिए अच्छा नहीं है.”

Prime Minister Narendra Modi की अमेरिकी President डोनाल्ड से होगी. इसको लेकर राजीव रंजन ने कहा, “जी-7 समिट में प्रधानंत्री Narendra Modi और ट्रंप की मुलाकात संभव है. वैश्विक शांति के लिए जी-7 समिट काफी महत्वपूर्ण है.”

जनता दल यूनाइटेड की बैठक को लेकर राजीव रंजन ने कहा, “संगठन के तौर पर यह अहम बैठक होगी. भविष्य में पार्टी की भूमिका और संगठन को देश के अलग-अलग हिस्सों में मजबूती प्रदान करने और बिहार के एक करोड़ सदस्यों को जिम्मेदारी दी जाएगी.

ओपी/