देर रात तक चली संसद, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर हुई चर्चा, ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी की तारीफ की

New Delhi, 17 अप्रैल . संसद में देर रात तक महिलाओं के आरक्षण, संविधान संशोधन, और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा चली. कई बार Lok Sabha की कार्यवाही बढ़ाई गई. देर रात तक बड़ी संख्या में सांसद सदन में मौजूद रहे और इस विधेयक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लिया. Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी और मौजूदगी की तारीफ की.

सदन की कार्यवाही पहले रात्रि 11 बजे तक बढ़ाई गई. फिर 12 बजे तक, एक बजे तक और आखिर में सांसदों के बोलने तक चलती रही. देर रात तक सदन में सांसद बिल पर चर्चा करते रहे और अपनी बात रखते रहे.

स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा में महिलाओं की भागीदारी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा महिलाएं बैठी हैं.

उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल पर प्रतिबद्धता देखो, इतनी देर रात तक महिलाएं सदन में बैठी हैं. सदन में गिनती कर लो. आज पुरुषों का समय नहीं है.”

17 अप्रैल को देर रात 1:20 बजे सदन की कार्रवाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसकी घोषणा स्पीकर ओम बिरला ने की.

सदन की कार्रवाई के दौरान Prime Minister Narendra Modi ने 16 अप्रैल को Lok Sabha में भाषण दिया. इसके बाद पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने इस बिल पर चर्चा की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, प्रियंका गांधी, कंगना रनौत, केसी वेणुगोपाल, और असदुद्दीन ओवैसी समेत तमाम नेताओं ने अपनी बात रखी.

Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को महिलाओं के आरक्षण बिल पर हो रही चर्चा को ऐतिहासिक पल बताया. उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभा में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी से देश को नई दिशा मिलेगी.

Prime Minister ने सभी Political दलों से अपील की कि Lok Sabha और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया जाए. उन्होंने कहा कि इससे पहले जो समय बर्बाद हुआ है, उसकी भरपाई होगी.

उन्होंने देश की ‘नारी शक्ति’ को सलाम करते हुए कहा कि यह समय की जरूरत है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी भी दी कि जो लोग इसका विरोध करेंगे, उसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं.

–आईएएनएल

एएमटी/डीकेपी