
न्यूटाउन, 25 मई . फाल्टा विधानसभा के चुनाव परिणाम को लेकर बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने से कहा कि अगर बंगाल में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव होता तो टीएमसी पहली बार के बाद दोबारा नहीं जीतती. सीपीआई भी इसी आधार पर लगातार जीत हासिल करती रही. बंगाल की वास्तविक स्थिति फाल्टा में दिखाई दी. हालांकि उपचुनाव के परिणाम के बाद कोई पुष्पा दिखाई नहीं दे रहा है. अब वहां टीएमसी का अस्तित्व ही नहीं है. उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल में टीएमसी की यही स्थिति होने वाली है.
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के आरोप पर दिलीप घोष ने कहा कि क्या उन्होंने फीफा से पूछकर स्टेच्यू बनाया था. इसका मतलब लोगों को समझ में नहीं आता.
ईंधन की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने कहा कि दुनिया की ओर नजर दौड़ाइए कि वहां क्या चल रहा है. कुछ देशों में तो पेट्रोल-डीजल मिल ही नहीं रहा है. लोगों को पूरी रात लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. Prime Minister की ओर से तेल कंपनियों को नुकसान होते हुए भी राहत दी गई थी लेकिन स्थिति इस हद तक पहुंच गई है कि कुछ न कुछ दाम बढ़ाना पड़ रहा है. परिस्थिति अपने हाथ में नहीं है. दुनिया के साथ तालमेल रखकर चलना पड़ रहा है.
टीएमसी के कैंपेन पर दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल Government के खजाने की स्थिति काफी खराब है. Government के पास डीए देने के लिए पैसा नहीं है. उसका भी रास्ता निकाला जा रहा है. Chief Minister की केंद्र Government से बात चल रही है. इसके साथ ही जितना काम बाकी था, वो शुरू हो जाएगा. उसके लिए फंड भी आ रहा है. दुनिया की विशेष परिस्थिति है और बंगाल की भी स्थिति थोड़ी नाजुक है. इसलिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.
ममता बनर्जी की ओर से ‘इंडिया’ गठबंधन को फिर से शुरू करने की पहल पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की स्थिति यह है कि पब्लिक के सामने आने की हिम्मत नहीं हो रही है. इसलिए उनको फेसबुक पर लाइव करना पड़ रहा है. वे फेस टू फेस बोलने का अधिकार खो चुकी हैं.
अतिक्रमण हटाने को लेकर ममता बनर्जी की ओर से उठाए गए सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि मैं पूछ रहा हूं कि अवैध रूप से घर बनाया ही क्यों गया था? टीएमसी Government ने गलत काम क्यों किया? लोगों को राहत देने के लिए हमको अवैध निर्माण हटाना पड़ेगा, नहीं तो अतिक्रमणकारी खुद ही हटा लें.
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एसडी/पीएम
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