दिग्विजय भाटी ने कहा-मेरठ एसएसपी और सिविल लाइन इंस्पेक्टर ने किया थर्ड-डिग्री टॉर्चर, एक आंख फोड़ने का आरोप

मेरठ, 21 अगस्त . भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने मेरठ के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ Police (एसएसपी) अविनाश पांडे पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है. आरोप है कि ऑफिस में हिरासत में रखकर बुरी तरह से पीटा गया, जिससे उसे चोटें आईं.

दिग्विजय भाटी ने से बातचीत में कहा, “ललिता गौतम हत्या मामले को लेकर जो विरोध प्रदर्शन हुआ था, उसमें मैं शामिल नहीं था, मैं नोएडा-गाजियाबाद में था. इसके बावजूद, हमें जेल भेज दिया गया. बाद में कप्तान से मोहित की बात हो रही थी, जिसमें वह कह रहा था, सर, हम इस मामले में पूरी तरह बेगुनाह हैं.’ इस पर कप्तान ने मिलने के लिए बुलाया.

दिग्विजय भाटी ने कहा, “जब मैं और मोहित कप्तान से मिलने पहुंचे तो वे हमें एक केबिन में ले गए. अंदर ले जाने के बाद 3-4 लोगों ने हमें कोहनियों से मारा और बेरहमी से पीटा. फिर, जब मैं एसएसपी के पैरों पर गिर रहा था, तो उन्होंने मुझे लात मारी. लात सीधे मेरी आंख पर लगी. डॉक्टर अब कह रहे हैं कि मेरी आंख केवल 30 फीसदी तक ही ठीक हो पाएगी. उन्होंने बुरी तरह से पिटाई की.”

दिग्विजय ने कहा, “पिटाई के बाद सिविल लाइन के इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को बुलाया और हम लोगों का इलाज करने के लिए कहा. इसके बाद अखिलेश उसे एसओजी कार्यालय में ले जाकर पैर बांधकर उल्टा लटकाकर बुरी तरह से हमारी पिटाई की. इस दौरान ढक्कन से पानी दिया. इतना ही नहीं, अखिलेश ने फोन पर एसएसपी को हमारी चीखें सुनाईं. एसएसपी और इंस्पेक्टर ने हमें जमकर गालियां भी दीं. मुझे बिना किसी गलती के प्रशासन ने गुंडा बना दिया.

ये आरोप तब सामने आए जब social media पर भारतीय किसान यूनियन के बी.आर. अंबेडकर गुट के अध्यक्ष भाटी का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में भट्टी अपनी बाईं सूजी हुई आंख और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान दिखाते हुए नजर आ रहे हैं. भाटी ने दावा किया कि वह Wednesday को पांडे से मिले थे और First Information Report से अपना नाम हटाने की मांग की थी, क्योंकि वह उस जगह पर मौजूद नहीं थे, जहां कथित घटना हुई थी.

यह कथित घटना 8 जुलाई को दलित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ Police की कार्रवाई से जुड़ी है. ये प्रदर्शनकारी कॉलेज छात्रा ललिता गौतम की हत्या की जांच को खराब बताकर विरोध कर रहे थे. ललिता का शव 15 मई को मेरठ के रोहटा इलाके के एक खेत में मिला था. हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा 8 जुलाई को तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने मेरठ कलेक्ट्रेट का गेट लगभग तीन घंटे तक जाम कर दिया. वे जिला प्रशासन के साथ बैठक और मुख्य आरोपी अंकित की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, जिसे वे हत्या के लिए जिम्मेदार मानते थे. बाद में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया जब एसएसपी पांडे के नेतृत्व में Police ने लाठीचार्ज किया. इसके बाद Police ने 63 प्रदर्शनकारियों -पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.

इस बीच, मेरठ Police ने भाटी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. एक्स पर पोस्ट किए गए एक आधिकारिक बयान में Police ने कहा कि दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव के खिलाफ पहले ही कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं और दोनों अपने-अपने Police स्टेशनों के हिस्ट्रीशीटर ​​हैं.

Police के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को ये दोनों व्यक्ति अपने खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सिविल लाइंस Police स्टेशन आए थे. घर लौटते समय कथित तौर पर उनका स्कूटर फिसल गया, जिससे वे गिर गए और उन्हें चोटें आईं. Police ने कहा कि दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने खुद इस घटना के संबंध में सिविल लाइंस Police स्टेशन में एक लिखित आवेदन दिया था, जिसे शाम 5:31 बजे जनरल डायरी एंट्री नंबर 53 में दर्ज किया गया था.

वहीं, यह मामला सामने आने पर मेरठ के एसएसपी अविनाश पाण्डेय का तबादला कर दिया गया है. अविनाश पाण्डेय को मेरठ एसएसपी के पद से हटाकर Police महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. वहीं, झांसी के वरिष्ठ Police अधीक्षक के पद पर तैनात बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया वरिष्ठ Police अधीक्षक (एसएसपी) बनाया गया है.

ओपी/पीएम