कांग्रेस की कथनी-करनी में फर्क, महिलाओं, छात्रों और सनातन पर दोहरा रवैया : रोहन गुप्ता

Ahmedabad, 3 अगस्त . भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं के प्रतिनिधित्व, पंजाब कांग्रेस में सामने आई गुटबाजी, Jharkhand में जेपीएससी विवाद, कॉमनवेल्थ गेम्स में India के प्रदर्शन समेत कई अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं, छात्रों और सनातन से जुड़े मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस की कथनी-करनी का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है.

रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस संसद में महिला अधिकार और महिला सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जब उसकी अपनी Government होती है तो महिलाओं के साथ न्याय नहीं होता. यही वजह है कि देश की जनता कांग्रेस के दावों पर भरोसा नहीं करती. भाजपा और एनडीए Government महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन कांग्रेस ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को तकनीकी आधारों पर संसद में रोकने का प्रयास किया. कर्नाटक Government ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस की सोच महिलाओं के हितों के खिलाफ है और देश की महिलाएं इस अंतर को स्पष्ट रूप से देख रही हैं.

पंजाब कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी पर रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस में सत्ता मिलने से पहले ही हिस्सेदारी की लड़ाई शुरू हो जाती है. पंजाब ने पांच साल पहले भी यही स्थिति देखी थी और इसी कारण जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जमीनी मुद्दों से दूर होकर केवल सत्ता और पद की राजनीति करती है. दरबारी संस्कृति से चलने वाली कांग्रेस जनता की समस्याओं के बजाय आपसी खींचतान में उलझी रहती है. यदि पार्टी अपनी कार्यशैली नहीं बदलेगी तो पंजाब में उसका Political पतन तय है और राज्य की जनता इस तरह का Political नाटक स्वीकार नहीं करेगी.

Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा विवाद और कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन पर रोहन गुप्ता ने विपक्षी दलों को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि पूरा देश Jharkhand की घटनाओं को देख रहा है और इससे उन दलों का दोहरा रवैया सामने आ गया है जो दूसरे राज्यों के मुद्दों पर राजनीति करते हैं. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सीजेपी से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि क्या Jharkhand देश का हिस्सा नहीं है और क्या वहां के छात्रों का गुस्सा और अधिकार महत्वहीन हैं? विपक्ष केवल चुनिंदा मुद्दों पर सक्रिय होकर Political लाभ लेने की कोशिश करता है.

रोहन गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए देश का पहला एंटी-पेपर लीक कानून बनाया, इस पर व्यापक चर्चा कराई, उच्चस्तरीय समिति गठित की और विभिन्न सुधारों को लागू किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की Governmentें हैं, वहां पेपर लीक जैसी घटनाओं पर विपक्ष चुप रहता है. उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और Jharkhand का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में छात्रों के मुद्दों पर विपक्ष की चुप्पी उसकी राजनीति को उजागर करती है.

कॉमनवेल्थ गेम्स में India के प्रदर्शन पर रोहन गुप्ता ने खिलाड़ियों की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यह न्यू इंडिया की तस्वीर है. इस बार कई ऐसे खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे, जिनमें India पारंपरिक रूप से मजबूत रहा है, इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया. मुक्केबाजी सहित कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा दिखाया और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद देश का नाम रोशन किया.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी द्वारा राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और धार्मिक प्रक्रियाओं को लेकर उठाए गए सवालों पर रोहन गुप्ता ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राम मंदिर का लगातार विरोध करती रही है और उसके बड़े नेता आज तक अयोध्या में राम मंदिर नहीं गए. कांग्रेस पहले Supreme Court के फैसले को मानने की बात करती रही, लेकिन उसके बाद भी उसके नेताओं का व्यवहार राम मंदिर के प्रति नकारात्मक रहा. कांग्रेस विरोध की राजनीति करते-करते अपनी मर्यादा लांघ चुकी है और बार-बार सनातन धर्म का अपमान करती रही है.

उन्होंने आगे कहा कि संसद परिसर में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान सनातन का अपमान किया गया और कांग्रेस नेतृत्व ने कोई आपत्ति नहीं जताई. विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यदि विरोध के नाम पर सनातन धर्म का अपमान किया जाएगा तो देश का सनातनी समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कांग्रेस नेताओं से पहले प्रायश्चित करने और उसके बाद राजनीति करने की सलाह दी.

/एबीएम