सपा से नहीं मिला जवाब शिवपाल-अखिलेश की राहें अलग ही रहेंगी

नई दिल्ली (New Delhi) . लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बाद आखिर सपा-प्रसपा की राहें जुदा ही दिख रही हैं. प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की ओर से सपा के सामने समझौते के लिए दी गई आखिरी तारीख सोमवार (Monday) को समाप्त हो गयी, लेकिन अखिलेश का जवाब नहीं आया. मंगलवार (Tuesday) से शिवपाल सामाजिक परिवर्तन यात्रा के साथ चुनावी शंखनाद करने जा रहे हैं. सपा में वर्चस्व को लेकर छिड़ी पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) अखिलेश यादव व प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव के बीच की जंग का पटाक्षेप होता दिखाई नहीं दे रहा है. दोनों के बीच समझौते के अब तक हुए प्रयास विफल ही रहे हैं. प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने 28 सितंबर को अपने बेटे आदित्य यादव के सहकारी बैंक (Bank) के सभापति के निर्वाचन के दौरान कहा था कि वह सपा से समझौते का 11 अक्टूबर तक इंतजार करेंगे. उन्होंने कहा था कि सपा को समझौते का प्रस्ताव दिया है. 11 अक्टूबर तक जवाब आ जाता है तो कोई बात नहीं और अगर जवाब नहीं आता है, तो वह अपनी चुनावी तैयारी में जुट जायेंगे. शिवपाल की सपा को दी गई अंतिम तारीख निकल गई लेकिन सपा की ओर से समझौते को लेकर कोई जवाब नहीं आया. इससे अब दोनों की राहें जुदा होना तय माना जा रहा है. शिवपाल सिंह डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि 12 अक्टूबर मंगलवार (Tuesday) से चुनावी शंखनाद सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा के साथ करेंगे. रथयात्रा श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा (Mathura) से शुरू होकर आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन होकर रायबरेली (Bareilly) जायेगी और इसका समापन 27 नवंबर को होगा. दूसरी तरफ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव हमीरपुर से 13 अक्टूबर को अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं. इसके मायने साफ हैं कि दोनों की राहें अब अलग हैं. हालांकि इस संबंध में प्रसपा या सपा का कोई नेता स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है. प्रसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व सांसद (Member of parliament) रघुराज शाक्य ने कहा कि यात्रा की शुरुआत 12 अक्टूबर से हो रही है, सपा-प्रसपा के समझौते के संबंध में जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ही दे पाएंगे.

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