क्‍या बालेंद्र शाह के सलाहकार ने एनएसए अजित डोभाल से की मुलाकात? नेपाल में कूटनीतिक हलचल तेज

काठमांडू, 23 जुलाई . नेपाल के Prime Minister बालेंद्र शाह ने कथित तौर पर इस महीने की शुरुआत में अपने मुख्य सलाहकार कुमार ब्यंजनकर (बेन) को New Delhi भेजा था, जहां उन्होंने India के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल से मुलाकात की. काठमांडू के स्थानीय मीडिया ने Thursday को यह जानकारी दी.

ब्यंजनकर, Prime Minister शाह के सबसे भरोसेमंद सलाहकारों में से एक हैं. जब शाह काठमांडू महानगर के मेयर थे, तभी से वह उनके करीबी सहयोगी रहे हैं.

स्थानीय समाचार पोर्टल सेतोपटी डॉट कॉम ने विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दावा किया कि ब्यंजनकर ने जुलाई के पहले हफ्ते में New Delhi में एनएसए अजित डोभाल से मुलाकात की थी. हालांकि, नेपाल के विदेश मंत्रालय को उनकी इस यात्रा की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी.

रिपोर्ट के अनुसार, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने को बेन की इस गोपनीय दिल्ली यात्रा की जानकारी थी. जब पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस मुलाकात के बारे में पूछा, तो बताया गया कि लामिछाने ने उनसे कहा कि ब्यंजनकर दिल्ली जाने से पहले उन्हें इसकी जानकारी दे चुके थे.

ब्यंजनकर की एनएसए डोभाल के साथ कथित आमने-सामने मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब Prime Minister शाह विदेशी राजनयिकों से सीधे मिलने से बच रहे हैं. उनका कहना है कि वह राजनयिक नियमों और प्रक्रिया का पालन करना चाहते हैं.

पिछली Governmentों पर आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने विदेशी राजदूतों से लेकर निचले स्तर के राजनयिक कर्मचारियों तक, कई लोगों को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी के बिना सीधे Prime Minister से मिलने की अनुमति दी थी. इसी वजह से Prime Minister शाह विदेशी राजनयिकों के साथ अकेले मिलने को लेकर सावधानी बरत रहे हैं.

हालांकि, नेपाल के एक अन्य प्रमुख अखबार काठमांडू पोस्ट ने Thursday को कहा कि बेन ने इन खबरों को लगातार खारिज किया है. उनका कहना है कि उन्होंने न तो India की यात्रा की और न ही किसी वरिष्ठ भारतीय सरकारी अधिकारी से मुलाकात की.

इससे पहले, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की मई में प्रस्तावित नेपाल यात्रा Prime Minister शाह की कथित अनिच्छा के कारण रद्द हो गई थी.

हालांकि Prime Minister शाह को भारतीय Prime Minister Narendra Modi की ओर से India आने का निमंत्रण मिल चुका है, लेकिन उनकी प्रस्तावित यात्रा को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. पहले उम्मीद थी कि यह यात्रा जल्द हो सकती है.

नेपाल India और चीन जैसे दो बड़े पड़ोसी देशों के बीच स्थित है. इसलिए उसके सामने दोनों देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखने की चुनौती है. इसके साथ ही उसे अमेरिका के साथ भी अपने संबंधों को संभालना है.

इस बीच, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Prime Minister शाह नेपाल में India के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं.

नेपाल की पुरानी कूटनीतिक परंपरा से अलग कदम उठाते हुए, Prime Minister पद संभालने के बाद शाह ने विदेशी राजदूतों के साथ अकेले मुलाकात करने से इनकार कर दिया था. इसके बजाय उन्होंने 9 अप्रैल और 26 मई को काठमांडू में मौजूद विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ सामूहिक बैठकें की थीं.

इस कदम की कई नेपाली राजनयिकों ने सराहना की थी, हालांकि कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया था कि क्या सभी देशों से समान दूरी बनाए रखने की यह नीति लंबे समय में नेपाल के राष्ट्रीय हितों के लिए सही साबित होगी.

एवाई/डीकेपी