धीरेंद्र शास्त्री बोले, ‘संतों और मठ-मंदिरों के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र’, अयोध्या में किए हनुमानगढ़ी के दर्शन

अयोध्या, 3 जुलाई . बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर दान प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमें देश की न्याय-व्यवस्था और Government पर पूरा भरोसा है और सभी दोषियों को सजा मिलेगी. साथ ही, धीरेंद्र शास्त्री ने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां वर्तमान समय में संतों और मठ-मंदिरों के प्रति आस्था और श्रद्धा गिराने के मकसद से सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र कर रही हैं.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने Friday को अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन किए. उन्होंने हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास के गुरु महंत संत राम दास के आश्रम पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हमने हनुमान गढ़ी में हनुमान दादा के दर्शन किए. हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास के गुरु महंत संत राम दास का हाल ही में निधन हुआ. वे उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत थे. उनके निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अयोध्या आए हैं. यह हमारा सौभाग्य है.”

इसी दौरान, राम मंदिर दान प्रकरण पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “यह कोई मामूली पाप नहीं, बल्कि महापाप है और भगवान इसकी सजा देंगे. लेकिन हम यह भी कहना चाहेंगे कि हमें देश के कानून-व्यवस्था और एसआईटी पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि जांच चल रही है. हमें देश की न्याय-व्यवस्था और Government पर पूरा भरोसा है और सभी दोषियों को सजा मिलेगी.”

उन्होंने कहा, “वर्तमान में कलयुग से ज्यादा छलयुग चल रहा है. इसमें सावधान रहना होगा. वर्तमान समय में संतों, महंतों, मठों और मंदिरों पर सुनियोजित तरीके से आस्था और श्रद्धा को कम करने के मकसद से षड्यंत्र भी चल रहे हैं. इसमें कालनेमी लोग सक्रिय हैं और उनसे हम सभी को सावधान रहना होगा. हमें भरोसा है कि जिन लोगों ने पाप किया, उन्हें भगवान भी दंड देंगे और देश का कानून भी सजा देगी.”

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें, क्योंकि कुछ भड़काने वाली शक्तियां आपको गुमराह करेंगी. ये शक्तियां हिंदुओं को हिंदुओं से लड़ाने और संत, महंत, मठ व मंदिरों के प्रति श्रद्धा को कम कराने की कोशिश करेंगी. इसलिए हम सभी हिंदुओं को विवेक से काम लेना है. एक घटना के कारण हमें सनातन के ऊपर आघात या आंच नहीं आने देनी है.”

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