धर्मेंद्र प्रधान भारत की बर्बाद एजुकेशन सिस्टम के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे: राहुल गांधी

New Delhi, 27 जुलाई . Lok Sabha में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने Monday को एक बार फिर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और India की बर्बाद एजुकेशन सिस्टम के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे.

राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पूर्व शिक्षा मंत्री की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और India की बर्बाद एजुकेशन सिस्टम के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे. उसी सिस्टम ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया. इस्तीफा भी नैतिकता से नहीं—युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा. और आज उसी व्यक्ति को संसद में भाजपा माला पहना रही है. यह कोई सम्मान नहीं—लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है. देश का हर छात्र ये देख रहा है. और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा.

दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान Monday को संसद पहुंचे थे. संसद परिसर में प्रधान के पहुंचते ही भाजपा और एनडीए सांसदों की भीड़ उनका स्वागत करने पहुंची. भाजपा नेताओं ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया, जिसको लेकर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने उन पर हमला बोला है.

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है. खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार करके उन पर First Information Report की जा रही है.

राहुल गांधी ने Prime Minister मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि कहां गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई First Information Report नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उन पर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में एके-47. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली – हर जगह पैटर्न एक ही है. पहले भी कहा है, ये Government झूठी है. सुधार इनके बस का नहीं है. अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज दबाएगी. मोदी जी, देश के छात्रों से माफी मांगिए. और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उन पर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं.

एमएस/