विकास तो हुआ पर सारी चीजें अंतिम पायदान के लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाई : हरिवंश

पटना (Patna) . राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने पटना (Patna) में प्रख्यात लेखक और पत्रकार भीम सिंह भवेश की पुस्तक ‘हाशिए पर हसरत’ का लोकार्पण करते हुए सामाजिक विकास पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाज में निचले तबके के लिए बहुत से विकास के कार्य हो रहे हैं लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि लगभग सारी चीजें अंतिम पायदान के लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाई हैं. बिहार (Bihar) विधान परिषद के सभागार में प्रभात प्रकाशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक लोकार्पण के समारोह में हरिवंश ने कहा कि इसके लिए उन्होंने विकास के गांधी मॉडल समेत कई अन्य उदाहरण भी विभिन्न संदर्भों में दिए. बिहार (Bihar) के संदर्भ में विकास और मुसहरों की स्थिति का जिक्र करते हुए हरिवंश ने कहा कि नीतीश कुमार ने मुसहर जाति से आने वाले जीतन राम मांझी को भी सीएम बनाया, यह भी समाज का एक यथार्थ है. बिहार (Bihar) की सरकार ने भी महादलितों के उत्थान के लिए काफी प्रयास किए हैं. ऐसा प्रयास कुछ सरकारें कर रही हैं लेकिन अगर सभी वैसा ही करें तो सच में विकास समाज समाज के अंतिम पायदान पर पहुंच जाएगा.
हरिवंश पटना (Patna) में प्रख्यात लेखक और पत्रकार भीम सिंह भवेश की पुस्तक ‘हाशिए पर हसरत’ का लोकार्पण कर रहे थे. इस आयोजन में बिहार (Bihar) सरकार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह और बिहार (Bihar) विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने संयुक्त रूप से उपस्थित थे. इस अवसर पर हरिवंश ने कहा कि हाशिए पर हसरत अपने आप में ही पूरी किताब के बारे में बता रहा है. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक समाज के मार्मिक दृश्य की दस्तावेज और जीवंत कृति है. बिना संवेदना के कोई कुछ नहीं लिख सकता है लेकिन मुसहर जाति से आने वाले लोगों के लिए लेखक ने जो कुछ लिखा है वह अद्भुत है. यह किताब सामूहिक जीवन के प्रयास का सत्य है, जिसे हम गागर में सागर भी कह सकते हैं.
बिहार (Bihar) विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि सभी की यह मांग होती है कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों का उद्धार हो लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा संभव नहीं हो पाता है. किसी के लिए काम करना और उसे जीवंत दस्तावेज के रूप में लिखित रूप से पेश करना, यह सच में बहुत ही कठिन काम होता है. उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को बिहार (Bihar) विधान परिषद की पुस्तकालय के लिए खरीदा जाएगा ताकि जन प्रतिनिधि योजना बनाने से जमीनी हकीकत जानने की कोशिश इस किताब के माध्यम से भी कर सकें.
बिहार (Bihar) सरकार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह किताब नहीं बल्कि समाज के अंतिम पायदान के लोगों के यथार्थ की कहानी के रूप में सजीव चित्रण करने वाला एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दस्तावेज है, जिसमें संवेदना, सच्चाई, वास्तविकता और उन्हें मिलने वाली चीजों के बारे में उल्लेख किया गया है. इस पुस्तक ने न केवल पाठकों से संपर्क स्थापित किया है, बल्कि लोगों को सच्चाई से भी रू-बरू कराया है. कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार (Bihar) सरकार जिस तरीके से काम कर रही है और जिस उद्देश्य से पिछड़े वर्ग के लोगों को लाभ दिया जा रहा है उसकी भी चर्चा करनी चाहिए और समाज के इस वर्ग के लिए बुद्धिजीवी लोगों के भी विचार सामने आनी चाहिए.
विषय प्रवेश कराते हुए पुस्तक के लेखक भीम सिंह भवेश ने कहा कि मैंने समाज के अंतिम पायदान पर बसे लोगों के लिए जो कुछ किया है, उसे बस लिपिबद्ध करने की कोशिश की गई है. पूरी उम्मीद है कि यह किताब लोगों को समाज के हकीकत और वास्तविकता दोनों को एक साथ रूबरू कराएगी. कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मुसहर आमतौर पर समाज की सबसे उपेक्षित जाति होती है, जिसके बारे में कोई लिखता नहीं है लेकिन यह बड़े ही हर्ष का विषय है कि एक व्यक्ति ने ना केवल इस समाज के लिए कुछ किया बल्कि किए गए कार्यों को पूर्ण रूप से लिपिबद्ध भी किया.

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