वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की नवाचार आधारित विकास यात्रा पर भरोसा, भविष्य को लेकर आशावादी है दुनिया: डब्ल्यूआईपीओ अर्थशास्त्री

डालियान (चीन), 23 जून . विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के मुख्य अर्थशास्त्री कार्स्टन फिंक ने Tuesday को कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्षों से पैदा हुए भू-Political तनाव और आर्थिक व्यवधानों के बावजूद India की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं. उन्होंने कहा कि India का तेजी से बढ़ता नवाचार तंत्र और मजबूत आर्थिक आधार देश के भविष्य को मजबूती प्रदान कर रहे हैं.

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक ‘न्यू चैंपियंस’ (समर दावोस) के दौरान से बातचीत में कार्स्टन फिंक ने कहा कि मध्य पूर्व संकट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सबसे बड़ा असर वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के रूप में दिखाई दे रहा है. खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, वहीं उर्वरकों जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़े हैं.

उन्होंने कहा, “अल्पकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था इस संकट से प्रभावित हुई है, क्योंकि India काफी हद तक तेल आयात पर निर्भर है. लेकिन India के नवाचार क्षेत्र में जो तेजी और गतिशीलता दिखाई दे रही है, वह बेहद उत्साहजनक है. भारतीय अर्थव्यवस्था ऐसी विकास दर हासिल कर रही है, जो इस समय बहुत कम मध्यम आय वाले देशों में देखने को मिलती है. साथ ही देश में दीर्घकालिक नवाचार क्षमता भी लगातार विकसित हो रही है.”

फिंक ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में आर्थिक स्थिति काफी हद तक मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी.

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापारिक यातायात और उसका वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने वाला प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा.

फिंक ने कहा, “इस झटके के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था ने काफी हद तक लचीलापन दिखाया है.”

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में महंगाई की दिशा और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों की नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था के अल्पकालिक और मध्यम अवधि के भविष्य को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

कार्स्टन फिंक ने India की बढ़ती नवाचार क्षमता की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति और नवाचार के माध्यम से India सतत विकास की मजबूत नींव तैयार कर रहा है.

उन्होंने कहा, “अल्पकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन दीर्घकाल में India को लेकर आशावादी होने के कई मजबूत कारण मौजूद हैं.”

फिंक के अनुसार, India में तेजी से विकसित हो रहा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, तकनीकी उन्नति और मजबूत आर्थिक विकास दर देश को भविष्य में वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में स्थापित कर सकती है. यही वजह है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद India की दीर्घकालिक आर्थिक कहानी दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है.

डीबीपी