खेल में विकास के बावजूद देश में हर एथलीट को मिलने वाले सम्मान में अंतर: हरमिलन बैंस

चंडीगढ़, 26 मई . एथलीट हरमिलन बैंस का मानना ​​है कि भारतीय खेलों में तेजी से सुधार हो रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि देश में बढ़ते सपोर्ट के बावजूद, सभी एथलीटों के लिए मौके और इनाम एक जैसे नहीं हैं. बैंस ने कहा कि खेल करियर के मौके तो दे सकते हैं, लेकिन सिस्टम सभी एथलीटों के साथ एक जैसा बर्ताव नहीं करता.

एशियन गेम्स में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतने वाली भारतीय मिडिल-डिस्टेंस रनर हरमिलन बैंस ने से बात करते हुए कहा, “कुछ एथलीट सफल हो जाते हैं, जबकि दूसरे अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उस स्तर की नौकरी नहीं ले पाते. अगर हम आज के पदक विजेताओं की तुलना पिछली पीढ़ियों के एथलीटों से करें, तो अब हर किसी के लिए स्थिति एक जैसी नहीं है.”

हरमिलन ने कहा, “पहले, बड़े इवेंट्स में पदक जीतने वाले एथलीटों को अक्सरल डीएसपी जैसे ऊंचे सरकारी पदों पर सीधी नियुक्ति मिल जाती थी. मौके आज भी हैं, लेकिन पहले के मुकाबले वे काफी कम हो गए हैं.”

हरमिलन ने टीम इवेंट्स में पहचान में अंतर की ओर इशारा किया. रोइंग पदक जीतने वालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एथलीट निराश हो सकते हैं जब टीम के साथी, जो उतनी ही मेहनत करते हैं, उन्हें अलग-अलग इनाम राशि मिलती है.

एथलीट ने मॉडर्न स्पोर्ट्स में रिकवरी और न्यूट्रिशन की अहमियत पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया, “प्रशिक्षण के बाद रिकवरी सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है क्योंकि इससे यह तय होता है कि आप अपने अगले सेशन में कितना अच्छा परफॉर्म कर सकते हैं. इसलिए ऐसा खाना, जो शरीर को पोषण दे, बहुत जरूरी है.”

भारतीय खेल के विकास में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) जैसे संस्थानों की भूमिका को हरमिलन ने अहम माना.

उन्होंने कहा, “India निश्चित रूप से आगे बढ़ रहा है क्योंकि अब कई अच्छे प्लेटफॉर्म बन रहे हैं. साई युवा एथलीटों के लिए एक बेहतरीन मंच है, लेकिन बच्चों को अभी भी नहीं पता कि उस स्तर तक कैसे पहुंचा जाए. इस कमी को पूरा करने के लिए छोटी एकेडमी बहुत जरूरी हैं.”

हरमिलन ने गुरिंदरवीर सिंह की हालिया सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि सीमित सुविधाओं के साथ उन्होंने जो हासिल किया है, वह शानदार है.

खेलों में अपने सफर पर हरमिलन ने कहा, “मेरा सफर मेरे जन्म से भी पहले शुरू हो गया था. मेरे माता-पिता ने खेल से मेरा परिचय तब कराया जब मैं बहुत छोटी थी. मैं इसे लगभग दस सालों से प्रोफेशनली कर रही हूं, लेकिन अगर मैं शुरू से गिनूं, तो खेल पिछले लगभग 22 वर्ष से मेरी जिंदगी का हिस्सा रहा है. खेल ने मेरी जिंदगी को काफी बदल दिया है.”

अपने आगे के कार्यक्रम पर हरमिलन ने कहा, “मेरा मुख्य फोकस आने वाले सीजन के लिए फिट रहने पर है. आगामी सभी टूर्नामेंट में हिस्सा लेना है. अगर मैं चोट से बच पाई, तो उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा.”

पीएके