लाओस के उप-प्रधानमंत्री तीन दिवसीय दौरे पर आएंगे भारत

New Delhi, 1 जून . लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (लाओस) के उप Prime Minister एवं विदेश मंत्री एच.ई. थोंगसावन फोमविहाने अपनी पत्नी वाडसाना फोमविहाने के साथ 1 से 3 जून 2026 तक India की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे.

विदेश मंत्रालय ने उनके कार्यक्रम की जानकारी दी है. उनके मुताबिक फोमविहाने Monday रात 9:50 बजे New Delhi पहुंचेंगे. उनका स्वागत इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 स्थित सेरेमोनियल लाउंज में किया जाएगा.

Tuesday , 2 जून को प्रतिनिधिमंडल आगरा में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा. हालांकि कार्यक्रम का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है.

यात्रा के अंतिम दिन Wednesday , 3 जून को उप Prime Minister एवं विदेश मंत्री की कई महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित है. सुबह 11 बजे वह India के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हैदराबाद हाउस में मुलाकात करेंगे. इस बैठक में India और लाओस के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

दोपहर 2 बजे भारत-लाओस बिजनेस फोरम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दोनों देशों के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधि भाग लेंगे. इस मंच का उद्देश्य आर्थिक सहयोग और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना है.

शाम 5 बजे फोमविहाने India की President से शिष्टाचार भेंट करेंगे. यह मुलाकात दोनों देशों के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

अपने कार्यक्रमों के समापन के बाद लाओस के उप Prime Minister एवं विदेश मंत्री Wednesday रात 11:30 बजे New Delhi से स्वदेश के लिए रवाना होंगे.

India और लाओस के बीच लंबे समय से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं. इस उच्चस्तरीय यात्रा से दोनों देशों के बीच Political, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है.

भारत-लाओस के बीच संबंध दशकों पुराने हैं. लाओस की आजादी के तीन साल बाद उसकी रणनीतिक आवश्यकता को ध्यान में रख India ने फरवरी 1956 में उससे संबंध स्थापित किए. देश के प्रथम Prime Minister जवाहरलाल नेहरू ने भी 1954 में लाओस का दौरा किया, तो देश के प्रथम President 1956 में वहां गए थे. दक्षिण पूर्व एशिया का यह लैंडलॉक देश रणनीतिक रूप से इसलिए अहम है क्योंकि यह चीन और म्यांमार से घिरा है. व्यापारिक दृष्टि से भी ये काफी अहम रहा है.

Prime Minister Narendra Modi ने भी 2024 में लाओस की राजधानी वियनतियाने में आयोजित ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था. उस दौरान कई अहम समझौते भी किए गए थे. कई मौकों पर इस देश ने India का खुलकर समर्थन किया है तो India ने भी रिश्तों को मजबूत बनाने का हर संभव प्रयास किया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के India के प्रयासों का समर्थन करता रहा है. वहीं राम मंदिर उद्घाटन के दौरान भी लाओस ने राम लला पर एक डाक टिकट जारी किया था और ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश था. India ने भी कोरोना के समय लाउस की मदद की थी.

केआर/