जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तेज, प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे कर्मचारी

रांची, 18 अगस्त . Jharkhand में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द किए जाने के फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों और नवनियुक्त कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है. Monday देर रात शुरू हुआ प्रदर्शन Tuesday को भी जारी रहा. बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे और Government के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन पूरी परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने से उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत कर परीक्षा पास की और नियुक्ति हासिल की.

अभ्यर्थियों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में सभी चयनित अभ्यर्थियों को दोषी मानना उचित नहीं है. उनका कहना है कि यदि कुछ लोगों ने परीक्षा में गड़बड़ी की है तो कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिए, न कि उन सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ जिन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा उत्तीर्ण की है.

प्रदर्शनकारियों ने Government से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की. उनका कहना है कि कई नवनियुक्त कर्मचारी अपनी सेवाएं भी शुरू कर चुके हैं. ऐसे में नियुक्तियां रद्द होने से उनके सामने रोजगार और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है. अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रोजेक्ट भवन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

Police बल की तैनाती की गई है और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने के कारण इलाके में कुछ समय के लिए गहमागहमी की स्थिति बनी रही.

गौरतलब है कि Chief Minister हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में Monday को हुई विशेष कैबिनेट बैठक के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था. Government ने टीडीपीएल द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की है. Government का कहना है कि जेएसएससी-सीजीएल से जुड़ी जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और भर्ती प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों की पूरी तरह जांच जरूरी है. Government के इस फैसले का लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्वागत किया है.

वहीं, परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों का विरोध अब एक अलग मुद्दे के रूप में सामने आया है. ऐसे में Government के सामने एक ओर परीक्षा में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दूसरी ओर चयनित अभ्यर्थियों के हितों को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करने की चुनौती है.

एसएनसी/एसके