पश्चिम बंगाल में डेमोग्राफिक बदलाव गंभीर मुद्दा, ममता बनर्जी दे रहीं बढ़ावा : सीएम देवेंद्र फडणवीस

राजारहाट, 17 अप्रैल . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Friday को पश्चिम बंगाल की राजनीति, डेमोग्राफिक बदलाव, नासिक टीसीएस घटना और ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की. फडणवीस ने ममता बनर्जी Government पर तीखा हमला बोला और राज्य में घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राजारहाट में से बात करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक पार्टी को सत्ता से हटाने का नहीं है. पश्चिम बंगाल का चुनाव घुसपैठियों को रोकने के लिए भी बहुत जरूरी है. ममता दीदी ने विकास के रास्ते को छोड़कर शॉर्टकट अपनाया है. वे विकास के जरिए नहीं, बल्कि डेमोग्राफिक बदलाव के जरिए सत्ता में बने रहना चाहती हैं. इसी लिए उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए रास्ता बना दिया है. पश्चिम बंगाल में डेमोग्राफिक बदलाव एक गंभीर मुद्दा बन चुका है. ममता बनर्जी Government इस बदलाव को बढ़ावा दे रही है, जो राज्य की संस्कृति, सुरक्षा और पहचान के लिए खतरा है.”

उन्होंने ममता बनर्जी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पर निशाना साधते हुए कहा, “टीएमसी और एआईएमआईएम जैसी पार्टियां अंदर से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. ये एक-दूसरे की मदद के लिए बयान देते हैं और फिर आलोचना भी करते हैं. यही इनकी रणनीति है. मैं साफ-साफ कहता हूं कि कोई बाबरी मस्जिद नहीं बना पाएगा, लेकिन जिनके मन में बाबर बसा हुआ है, उन्हें भी हम नहीं बख्शेंगे.”

फडणवीस ने चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर कथित हमलों का जिक्र करते हुए कहा, “जब Maharashtra में चुनाव हुए थे, तब चुनाव आयोग ने हमारे डीजीपी और मुख्य सचिव को बदल दिया था. हमने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. चुनाव आयोग ने जो भी निष्पक्ष कदम उठाए, हमने उन्हें स्वीकार किया और चुनाव जीत गए. लेकिन, यहां बंगाल में पूरी तरह अलग स्थिति है. यहां Chief Minister खुद सेंट्रल एजेंसी के दफ्तर जाती हैं, फाइलें छीनती हैं और लौट जाती हैं. मुझे लगता है कि लोकतंत्र की इससे बड़ी हार और कोई नहीं हो सकती.”

नासिक में टीसीएस कंपनी में हुई घटना पर उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही गंभीर मामला है और हम इसकी गहन जांच कर रहे हैं. मुझे खुशी है कि टीसीएस के सबसे वरिष्ठ नेतृत्व ने भी इस घटना की निंदा की है और जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं. वे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई नीति तैयार कर रहे हैं. हम यह भी देख रहे हैं कि क्या यह एक अलग घटना है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है. क्या यह ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ है? हम इसकी भी जांच कर रहे हैं.”

एससीएच/एबीएम