नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग, दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की उठी आवाज

नोएडा, 23 जुलाई . नोएडा इंडोर स्टेडियम के संचालन से जुड़े वर्ष 2021 के टेंडर में कथित अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), नोएडा प्राधिकरण को विस्तृत ज्ञापन सौंपा.

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि टेंडर प्रक्रिया में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र, भ्रामक जानकारी और गलत दस्तावेजों के आधार पर किसी कंपनी को लाभ पहुंचाया गया है तो यह सरकारी व्यवस्था और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के साथ गंभीर धोखा है.

अविनाश सिंह ने कहा कि हाल ही में मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्यों ने खेल जगत और खिलाड़ियों के बीच चिंता पैदा कर दी है. उनका कहना है कि यदि संबंधित कंपनी ने तकनीकी मूल्यांकन में अधिक अंक प्राप्त करने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र, गलत कोच प्रोफाइल और भ्रामक दस्तावेजों का सहारा लिया है, तो इसकी गहन जांच कराई जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल कंपनी की भूमिका ही नहीं, बल्कि पूरी टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में आ जाती है.

उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्टों के अनुसार कंपनी ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं कोचों के नाम और प्रोफाइल का उपयोग तकनीकी मूल्यांकन में अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने के लिए किया. यदि इन खिलाड़ियों और कोचों की जानकारी, सहमति या वास्तविक संबद्धता के बिना उनके नाम और उपलब्धियों का इस्तेमाल किया गया है, तो यह उनकी प्रतिष्ठा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है. ऐसे मामलों में संबंधित लोगों की सहमति और दस्तावेजों की सत्यता की जांच बेहद आवश्यक है.

अविनाश सिंह ने यह भी कहा कि सबसे गंभीर आरोप यह है कि इंडोर खेलों के संचालन से जुड़े टेंडर में आउटडोर खेलों के कोचों की प्रोफाइल प्रस्तुत कर अतिरिक्त तकनीकी अंक हासिल किए गए. यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो तकनीकी मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया संदेह के दायरे में आ जाएगी और टेंडर प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा करना आवश्यक होगा.

युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा, दस्तावेजों में हेरफेर या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कंपनी के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी First Information Report दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.

उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत जांच में सामने आए, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में नोएडा प्राधिकरण की सभी टेंडर प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए खिलाड़ियों, कोचों और विशेषज्ञों की प्रोफाइल, उनकी लिखित सहमति तथा वास्तविक संबद्धता का स्वतंत्र सत्यापन अनिवार्य करने की मांग की.

उनका कहना है कि इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल करने जैसी संभावित अनियमितताओं पर रोक लगेगी और सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित हो सकेगी.

पीकेटी/एएसएच