‘परिसीमन वोटों के लिए, प्रतिनिधित्व के लिए नहीं’, भाजपा पर कांग्रेस सांसद ने साधा निशाना

New Delhi, 2 अगस्त . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के परिसीमन का विरोध किए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने समर्थन किया है. सुखदेव भगत ने कहा कि प्रतिनिधित्व के नजरिए से, बल्कि भाजपा Government जानबूझकर इसे वोटों के नजरिए से कर रही है.

राहुल गांधी ने Saturday को सभी दलों से संसद में केंद्र Government के परिसीमन विधेयक को पारित करने के प्रयास को विफल करने का आह्वान किया था. इस पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने से बात करते हुए कहा, “निश्चित रूप से, जिस तरह से जनसंख्या के हिसाब से चीजें संतुलित नहीं हो रही हैं और अगर मैं अपनी निजी राय बताऊं तो मैं परिसीमन के खिलाफ हूं. मैं इसीलिए इसके खिलाफ हूं, क्योंकि असम में जिस तरह से यह किया गया है. वहां भाजपा की Government है और वे जानबूझकर इसे वोटों के नजरिए से कर रहे हैं, न कि प्रतिनिधित्व के नजरिए से.

उन्होंने कहा, “अगर हम आज संसद में मौजूद 543 सदस्यों को देखें, तो मुझे लगता है कि हमारे कई लोगों को पूरी तरह से भागीदारी का मौका भी नहीं मिलता. हम संसद के अंदर बस एक छोटा सा हिस्सा बनकर रह जाते हैं. क्या संख्या बढ़ाने के बाद उन्हें औचित्य मिल पाएगा. संख्याबल नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, बल्कि संसद की गरिमा के अनुरूप एक सार्थक चर्चा और बहस हो, वो महत्वपूर्ण है.”

इसी बीच, कॉमनवेल्थ गेम्स में India के शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “निश्चित रूप से सभी बधाई के पात्र हैं. जब हमारे खिलाड़ी वहां इस तरह का प्रदर्शन करते हैं तो हमें गर्व महसूस होता है. तब हमें खुशी होती है और हम उन्हें बधाई देते हैं.”

नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तबादले पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “ऐसे कदमों से हमेशा अविश्वास और शक पैदा होता है.”

कुलगाम हमले के बाद Governmentों पर महबूबा मुफ्ती के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा, “यह सामान्य बात नहीं है. इसमें कहीं न कहीं सीमा पार से जुड़ी घटनाएं हो रही हैं. पहलगाम की घटना के बाद भी अगर ऐसी घटना हो रही है, और उसी समय अमरनाथ यात्रा भी चल रही है, तो मेरा मानना ​​है कि राज्य Government और केंद्र Government दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे देखें कि कहां चूक हुई है या कहां कमी रह गई है. आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी नागरिकों की सुरक्षा है.”

डीसीएच/