दिल्ली: पवन खेड़ा की याचिका पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

New Delhi, 29 अप्रैल . Supreme Court Thursday को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने वाला है, जिसमें उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें असम Police द्वारा दर्ज एक आपराधिक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. यह मामला Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़ा है.

Supreme Court की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कॉज लिस्ट के अनुसार, जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ 30 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई करेगी.

खेड़ा ने शीर्ष अदालत में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल कर गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार किया गया था.

यह याचिका Sunday की शाम को दाखिल की गई थी और इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब गुवाहाटी हाई कोर्ट की एकल पीठ, न्यायमूर्ति पार्थिवज्योति सैकिया, ने कांग्रेस नेता को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि खेड़ा अग्रिम जमानत के विशेषाधिकार के पात्र नहीं हैं.

हाई कोर्ट ने कहा था, ”यह केवल मानहानि का मामला नहीं कहा जा सकता. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 339 के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनने के लिए सामग्री मौजूद है.

इससे पहले खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी, जिसमें उन्हें सीमित अवधि के लिए ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी, ताकि वे असम में संबंधित अदालत से नियमित राहत प्राप्त कर सकें. हालांकि, बाद में Supreme Court ने असम Police की याचिका पर इस राहत पर रोक लगा दी थी.

इसके बाद शीर्ष अदालत ने खेड़ा की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने स्टे हटाने की मांग की थी और अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने से भी इनकार कर दिया था. हालांकि, Supreme Court ने स्पष्ट किया था कि उसके पहले के आदेशों में की गई टिप्पणियां असम की सक्षम अदालत को जमानत याचिका पर निर्णय लेने में प्रभावित नहीं करेंगी.

इसके बाद खेड़ा ने गुवाहाटी हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए फिर से याचिका दाखिल की.

यह विवाद उन आरोपों से जुड़ा है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि रिनिकी भुयान सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट, विदेशों में अघोषित लग्जरी संपत्तियां और शेल कंपनियों से संबंध हैं.

गुवाहाटी क्राइम ब्रांच Police स्टेशन में दर्ज First Information Report में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें झूठे बयान, धोखाधड़ी, जालसाजी और मानहानि से जुड़े आरोप शामिल हैं.

इस महीने की शुरुआत में असम Police ने इस मामले में दिल्ली स्थित खेड़ा के आवास पर छापेमारी की थी और हैदराबाद में भी जांच के सिलसिले में गई थी.

एएमटी/डीकेपी