
New Delhi, 8 मई . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले में साइबर Police ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाले साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया. इस कार्रवाई के दौरान 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे थे. जांच में अब तक 8 करोड़ रुपए से अधिक के फ्रॉड लिंक सामने आए हैं.
दरअसल, 25 अप्रैल को साइबर थाना शाहदरा को सूचना मिली थी कि गीता कॉलोनी के एक होटल में कुछ संदिग्ध लोग साइबर धोखाधड़ी में शामिल हैं. सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने होटल में छापा मारकर अलग-अलग कमरों में ठहरे 12 संदिग्धों को पकड़ा. पूछताछ में उन्होंने एक संगठित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट में शामिल होने की बात कबूल की.
इस ऑपरेशन को साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया. टीम में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, एसआई श्याम बिहारी, एसआई विवेक, एएसआई राजदीप समेत अन्य Policeकर्मी शामिल थे. पूरी कार्रवाई एसीपी ऑप्स मोहिंदर सिंह की निगरानी में हुई.
जांच में यह खुलासा हुआ कि यह गिरोह तेलंगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और Madhya Pradesh जैसे कई राज्यों में फैला हुआ था. गिरोह के सरगना प्रदीप उर्फ ‘अल्फा’ और तेजपाल सिंह उर्फ ‘किंग’ टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे. बाद में Police ने लुधियाना से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे कुल गिरफ्तारी 14 हो गई.
Police जांच में यह सामने आया कि एक बैंक खाते से जुड़ी 40 एनसीआरपी शिकायतों में करीब 1.5 करोड़ रुपए की ठगी हो चुकी है. इसी तरह एक कैनरा बैंक एटीएम कार्ड 3 करोड़ रुपए के फ्रॉड से जुड़ा मिला है. कुल मिलाकर इस गिरोह द्वारा की गई ठगी का आंकड़ा 8 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच चुका है.
गिरोह का तरीका बेहद संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत था. ये लोग social media प्लेटफॉर्म्स और जॉब पोर्टल्स पर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाते थे. वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम और आकर्षक हाई सैलरी वाली नौकरियों का लालच देकर उनकी बातचीत शुरू करते थे. बाद में जानबूझकर व्हाट्सएप से टेलीग्राम पर शिफ्ट कर लेते थे ताकि Police ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए. फर्जी कंपनी प्रोफाइल, ऑफर लेटर और टास्क बेस्ड कमाई का झांसा देकर पहले छोटी-छोटी रकम भुगतान करके पीड़ित का भरोसा जीतते थे और फिर बड़ी रकम ठगने में सफल हो जाते थे.
गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाता था और उनमें ठगी की गई रकम ट्रांसफर करवाता था. इसके बाद पैसे को तेजी से एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करके लेयरिंग की जाती थी. अंत में रकम एटीएम, यूपीआई या क्रिप्टोकरेंसी के जरिए निकाल ली जाती थी. ठगी के बाद गिरोह पीड़ितों को तुरंत ब्लॉक कर देता था.
Police ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिसमें 18 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप, 3 एटीएम कार्ड, 4 चेक बुक और 2 स्टाम्प शामिल हैं. इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत First Information Report नंबर 20/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. Police अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है.
दिल्ली Police ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. Police का कहना है कि social media पर आने वाले फर्जी जॉब ऑफर्स से पूरी तरह सावधान रहें. नौकरी के नाम पर किसी भी तरह से पैसे मांगने वालों से बचें. अनजान व्यक्तियों के टेलीग्राम या व्हाट्सएप मैसेज पर कभी भरोसा न करें. किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें.
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