
New Delhi, 3 जून . उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 के दंगों के दौरान हुई आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी अंकित शर्मा की चर्चित हत्या मामले में अब अदालत का फैसला आने वाला है. दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट इस बहुचर्चित मामले में Thursday को फैसला सुनाएगा.
इस मामले में पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपी हैं.
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उस समय हुई थी, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में थी. हत्या के बाद उनका शव एक नाले से बरामद किया गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस मामले में अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर Police थाने में First Information Report दर्ज की गई थी.
मामले की जांच और अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, 25 फरवरी 2020 की शाम चांद बाग पुलिया के पास दंगाई भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया था. आरोप है कि भीड़ उन्हें जबरन खींचकर ले गई और उन पर बेरहमी से हमला किया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायालय में पेश साक्ष्यों के मुताबिक, अंकित शर्मा के शरीर पर धारदार हथियारों से वार किए गए थे. इतना ही नहीं, उनके चेहरे और शरीर को तेजाब से भी झुलसाया गया था. इस घटना ने उस समय देशभर में व्यापक चर्चा और Political बहस को जन्म दिया था.
इस मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी नेता और पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन का नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल है. अभियोजन पक्ष ने अदालत में दावा किया है कि यह हत्या सुनियोजित हिंसा का हिस्सा थी, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को खारिज किया है.
करीब छह वर्षों से चल रही सुनवाई के बाद अब सभी की निगाहें कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं.
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डीकेपी
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