
New Delhi, 5 मई . दिल्ली Police की मेट्रो यूनिट ने साइबर फॉरेंसिक और तकनीकी निगरानी के जरिए एक बड़े यूपीआई धोखाधड़ी मामले को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए 1.20 लाख रुपए से अधिक की उन्नत यूपीआई धोखाधड़ी की थी.
मेट्रो यूनिट ने आईजीआईए मेट्रो Police स्टेशन में दर्ज ई-First Information Report संख्या 80019309/2026 (धारा 303(2) बीएनएस) की जांच के दौरान इस सफलता को हासिल किया. Police के अनुसार, एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी होने के बाद उसके यूपीआई ऐप से 1,20,390 रुपए के फर्जी लेनदेन किए गए. जांच टीम ने उन्नत साइबर फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल करते हुए 11 संदिग्ध यूपीआई ट्रांजेक्शन की पूरी ट्रेल मैप की.
धन का हस्तांतरण कई स्थानीय व्यापारियों के खातों के माध्यम से तेजी से किया गया था, जो एक संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा था. फॉरेंसिक विश्लेषण और जमीनी खुफिया जानकारी से सफीदों निवासी नीतू नामक मुख्य लाभार्थी की पहचान हुई. नीतू की पूछताछ से मुख्य आरोपी कुशाग्र आहूजा (32 वर्ष) का नाम सामने आया.
आरोपी कुशाग्र आहूजा के पास कोई स्थायी ठिकाना नहीं था और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार जगह बदलता रहता था. Police की टीमों ने तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस के सहारे लगातार उसका पीछा किया. 1 मई 2026 को प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर कश्मीरी गेट आईएसबीटी क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया गया. विशेष टीम ने आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में कुशाग्र ने चोरी के मोबाइल से यूपीआई धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है.
Police अब चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है. बी. भरत रेड्डी, आईपीएस, उप Police आयुक्त (मेट्रो) ने कहा कि यह सफलता साइबर खुफिया, तकनीकी निगरानी और जमीनी अभियानों के प्रभावी समन्वय का नतीजा है. दिल्ली Police डिजिटल अपराधों से निपटने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
Police ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल चोरी होने पर तुरंत यूपीआई ऐप्स, बैंक खातों और सिम को ब्लॉक कराएं तथा तुरंत Police में शिकायत दर्ज कराएं. साथ ही संदिग्ध लिंक या अनजान नंबरों से आए मैसेज पर ओटीपी या बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें.
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एससीएच
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