
New Delhi, 11 अगस्त . दिल्ली Police के साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर Police स्टेशन ने देशभर में फैले साइबर इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और ‘म्यूल अकाउंट’ सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए केरल, Maharashtra, Gujarat और पंजाब से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police के मुताबिक, जांच में इस नेटवर्क से जुड़े 34 मामलों का पता चला है, जिनमें 15.71 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी वाले लेन-देन शामिल हैं. इनमें दिल्ली में दर्ज साइबर फ्रॉड के 7 मामले भी हैं, जिनमें करीब 2.70 करोड़ रुपए की ठगी हुई थी.
Police के अनुसार, मामले की शुरुआत पालम कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से हुई. पीड़ित को निवेश सीखने के नाम पर वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था. आरोपियों ने खुद को मार्केट एनालिस्ट और निवेश विशेषज्ञ बताकर नकली ट्रेडिंग सेशन, फर्जी सफलता की कहानियां और मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर उसका भरोसा जीता. इसके बाद उसे एक नकली ट्रेडिंग एप्लीकेशन के जरिए निवेश के लिए राजी किया गया.
पीड़ित ने अलग-अलग बैंकिंग चैनलों के जरिए 4.82 लाख रुपए जमा किए. शुरुआत में उसे कुछ रकम निकालने की अनुमति दी गई, लेकिन बाद में करीब 7.81 लाख रुपए के आईपीओ अलॉटमेंट के नाम पर और पैसे मांगे गए. शक होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद साइबर साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट थाने में First Information Report दर्ज की गई.
जांच के लिए गठित टीम ने बैंक खातों के जरिए मनी ट्रेल और आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया. जांच में कथित तौर पर खाताधारकों, फैसिलिटेटर्स और धोखाधड़ी की रकम हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए ‘म्यूल अकाउंट’ उपलब्ध कराने वालों का नेटवर्क सामने आया.
मनी ट्रेल के आधार पर Police नंदुरबार, Maharashtra पहुंची और शोएब दिलावर सैयद को गिरफ्तार किया. उसके मोबाइल से कथित आपत्तिजनक चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिले. जांच में सामने आया कि वह अन्य आरोपियों के साथ केरल गया था, जहां व्यावसायिक इकाइयां बनाकर उनके नाम पर करंट अकाउंट खोले गए.
Gujarat Police की मदद से सूरत और आसपास के इलाकों से शेख रियाज़ुद्दीन इम्तियाज, कमलशा कादरशाह, सिद्दीकी मोहम्मदसिद्दीक मुफिदभाई और हमजा हुमायूं को गिरफ्तार किया गया. Police के मुताबिक, इन लोगों ने अपने करंट अकाउंट नेटवर्क को उपलब्ध कराए. अकाउंट किट और बैंकिंग जानकारी पैसे के बदले नेटवर्क के अन्य सदस्यों को दी गई.
केरल के मंजेश्वर से मुजम्मिल तैब को गिरफ्तार किया गया. Police के अनुसार, वह अकाउंट होल्डर्स के साथ तालमेल, उनके ठहरने की व्यवस्था और वॉट्सऐप के जरिए बैंक अकाउंट की जानकारी व ओटीपी साझा करने में शामिल था. मुख्य आरोपी बताए जा रहे जमालुद्दीन फैसल को भी गिरफ्तार किया गया, जिसकी भूमिका फर्जी बिजनेस एंटिटी और बैंक अकाउंट खुलवाने में सामने आई.
पंजाब से सरबजीत सिंह और सोनिया शर्मा को गिरफ्तार किया गया. Police का दावा है कि दोनों बैंक खातों और साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े लेन-देन में शामिल थे.
Police ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इनमें वॉट्सऐप चैट, बैंकिंग रिकॉर्ड, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, डिजिटल क्रेडेंशियल और ट्रांजैक्शन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं.
जांच में सामने आए 7 दिल्ली मामलों में कुल करीब 2.70 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है. इसके अलावा 27 अन्य एनसीआरपी शिकायतों से भी नेटवर्क के संबंध का पता चला है.
Police के मुताबिक, गिरोह वॉट्सऐप निवेश समूहों के जरिए लोगों को निशाना बनाता था. नकली ट्रेडिंग ऐप पर फर्जी मुनाफा दिखाकर निवेश बढ़वाया जाता था और रकम निकालने पर टैक्स, ब्रोकरेज, आईपीओ अलॉटमेंट, वेरिफिकेशन, प्रोसेसिंग फीस और मार्जिन जैसे बहाने बनाकर अतिरिक्त रकम मांगी जाती थी. ठगी की रकम को कथित शेल फर्मों के नाम पर खोले गए कई करंट अकाउंट्स के जरिए घुमाया जाता था. विदेशी कनेक्शन और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है.
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