
New Delhi, 21 अगस्त . दिल्ली के उपGovernor टीएस संधू ने Friday को आम नागरिकों पर अनुपालन का बोझ कम करने और नियमों में ढील के माध्यम से जीवन को सुगम बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों की प्रगति की समीक्षा की.
यह बैठक Police आयुक्त अनुराग कुमार के साथ शहर की सुरक्षा और सामुदायिक नेतृत्व वाले सुरक्षा अभियानों पर चर्चा करने के एक दिन बाद हुई.
Friday को संधू ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आज दिल्ली में नियमों में ढील और अनुपालन में कमी लाने की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें आम नागरिक की सुविधा को सर्वोपरि रखा गया है.
एलजी ने आगे कहा कि सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे इस प्रक्रिया को शीघ्र और कुशलतापूर्वक पूरा करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक सुधार दिल्ली के लोगों के लिए वास्तविक, रोजमर्रा के जीवन को सुगम बनाए – लालफीताशाही कम हो, अनुमोदन तेजी से हों और एक ऐसी प्रणाली हो जो उनके लिए काम करे.
संधू ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन से प्रेरित होकर, हमें एक ऐसी विकसित दिल्ली बनानी होगी जो लोगों को सर्वोपरि रखे.
एक अधिकारी ने बताया कि Thursday को दिल्ली Police आयुक्त अनुराग कुमार के साथ हुई बैठक में उपGovernor ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू की जा रही विशेष सामुदायिक Policeिंग पहलों, जन कल्याण मंचों और लक्षित सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन किया.
विवरण में कहा गया है कि बैठक में वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों सहित विशेष रूप से संवेदनशील जनसांख्यिकी समूहों के लिए संस्थागत समर्थन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.
बैठक के दौरान, दिल्ली के उपGovernor ने दिल्ली Police के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के कामकाज, उपयोग और परिचालन दक्षता की समीक्षा की.
वरिष्ठ नागरिकों के साथ नियमित संपर्क, पंजीकरण और बीट स्तर पर Police के संपर्क का जायजा लेते हुए उपGovernor ने दिल्ली भर में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और विश्वास सुनिश्चित करने के लिए त्वरित शिकायत निवारण, मजबूत आपातकालीन सहायता और स्थानीय Police कर्मियों द्वारा नियमित आवधिक दौरों की आवश्यकता पर बल दिया.
उपGovernor संधू ने वरिष्ठ नागरिकों की संख्या का गहन पुनर्मूल्यांकन करने और तदनुसार मोबाइल एप्लिकेशन का विस्तार करने का निर्देश दिया.
इस समीक्षा में छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने, सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ को रोकने और शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले बाजारों के आसपास सार्वजनिक व्यवस्था लागू करने के लिए गठित विशेष ‘शिष्टाचार दस्तों’ के प्रदर्शन और जमीनी स्तर पर तैनाती की भी जांच की गई.
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एमएस/
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