
New Delhi, 8 मई . द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय कारजैकिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है. Police ने करीब 800 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद जम्मू-कश्मीर के कठुआ से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी 25 अप्रैल को एक घंटे के भीतर दो सशस्त्र लूट की वारदातों को अंजाम देकर फरार हो गए थे.
Police की ओर से Friday को जारी एक प्रेस नोट में बताया गया कि 25 अप्रैल को सबसे पहले विकासपुरी इलाके में बदमाशों ने एक दुकानदार से बंदूक की नोक पर 15 हजार रुपये लूटे. इसके तुरंत बाद द्वारका नॉर्थ थाना क्षेत्र में वेगास मॉल के पास एक दंपति से फोर्ड इकोस्पोर्ट कार छीन ली. दोनों घटनाओं के बाद द्वारका जिले की Police हरकत में आई और एएटीएस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.
जांच के दौरान सामने आया कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही गैंग का हाथ था, जो बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था. गिरोह के सदस्य लगातार लोकेशन बदलकर Police से बचने की कोशिश कर रहे थे. तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर Police ने करीब 10 दिनों तक कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चलाया.
इंस्पेक्टर मनीष यादव के नेतृत्व में और एसीपी ऑप्स सुभाष मलिक की निगरानी में, साथ ही एडिशनल डीसीपी-1 निहारिका भट्ट के मार्गदर्शन में, टीम ने लगातार कार्रवाई जारी रखी. करीब 5 दिनों तक जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन चलाने के बाद, Police ने कठुआ में आरोपियों को ट्रैक कर लिया. 7 मई को करीब 15 किलोमीटर तक चली हाई-स्पीड कार चेज के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपियों की पहचान साहिल (28), अंसुल उर्फ गोलू (30) और उनके साथी हिमांशु (24) के रूप में हुई है, जो Haryana के रहने वाले हैं. Police के मुताबिक अंसुल उर्फ गोलू कुख्यात नीतू दबोदिया गैंग से भी जुड़ा हुआ है.
Police ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फोर्ड इकोस्पोर्ट कार और फरार होने में इस्तेमाल की गई महिंद्रा TUV गाड़ी बरामद कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन द्वारका एएटीएस टीम के समन्वय, तकनीकी दक्षता और लगातार प्रयासों का परिणाम है. फिलहाल Police मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों व लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए प्रयास जारी हैं.
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