दिल्ली क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 5 तस्कर गिरफ्तार

New Delhi, 8 अगस्त . दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में चल रहे इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया. इसके साथ क्राइम ब्रांच ने भारी मात्रा में हेरोइन और एमडीएमए जब्त करने के साथ 2 नाइजीरियाई, 1 घाना के नागरिक और 2 भारतीयों समेत 5 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोरिस ओकाली (52 वर्ष, नाइजीरियाई नागरिक), इबेग्बू चिगोजी सैमुअल (लागोस, नाइजीरिया नागरिक, उम्र लगभग 50 वर्ष), इमैनुएल (अकरा, घाना नागरिक, उम्र लगभग 38 वर्ष), समीर उर्फ ​​नन्हे (निवासी नंद नगरी, दिल्ली, उम्र 28 वर्ष) और महिला (निवासी शालीमार गार्डन, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई है.

इसी को लेकर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि ईस्टर्न रेंज-I ने दिल्ली-एनसीआर इलाके में अच्छी क्वालिटी की हेरोइन और एमडीएमए की भारी मात्रा में खरीद, कब्जे और वितरण में शामिल एक इंटरनेशनल ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. जांच से पता चला है कि आरोपी नशीले पदार्थों की थोक और खुदरा सप्लाई में सक्रिय रूप से शामिल थे और इस गैर-कानूनी व्यापार को चलाने के लिए सहयोगियों के एक नेटवर्क के जरिए काम कर रहे थे.

यह कार्रवाई दिल्ली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर लिछमन की टीम द्वारा की गई, जिसमें एसआई बिजेंद्र सिंह, एसआई अरविंद कुमार, एसआई शैलेंद्र तिवारी, एएसआई जोगिंदर, एएसआई बीप्ति, हेड constable सूर्य प्रकाश और हेड constable महा सिंह शामिल थे. क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-I के एसीपी सुनील श्रीवास्तव की कड़ी निगरानी और क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव की समग्र देखरेख में ‘नशा मुक्त India अभियान’ के तहत दिल्ली-एनसीआर इलाके में सक्रिय ड्रग तस्करों के बारे में जानकारी जुटाने का काम कर रही थी.

खास जानकारी मिलने पर टीम ने दिल्ली भर में कई जगहों पर लगातार निगरानी और जानकारी जुटाने का ऑपरेशन शुरू किया. ऑपरेशन के दौरान टीम को पक्की जानकारी मिली कि दिल्ली के निलोथी इलाके के चंदर विहार में रहने वाला 52 वर्ष का नाइजीरियाई नागरिक, मोरिस ओकाली, जो दिल्ली और एनसीआर इलाके में हेरोइन और एमडीएमए की थोक और खुदरा तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था. 19/20 जुलाई की रात को नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाने के लिए दिल्ली के शाहदरा में एक अस्पताल के पास आएगा.

सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद तुरंत एक रेडिंग टीम बनाई गई और उसे अस्पताल के पास रणनीतिक रूप से तैनात किया गया. गुप्त निगरानी के बाद टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की और उसे पकड़ लिया. संदिग्ध ने अपनी पहचान मोरिस ओकाली के तौर पर बताई. उसके बैग की तलाशी लेने पर चार पॉलीथीन पैकेट मिले, जिनमें संदिग्ध नशीले पदार्थ थे. कुल मिलाकर 2.004 किलोग्राम हेरोइन और 863 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ, जो दोनों ही कमर्शियल मात्रा की श्रेणी में आते हैं.

इसके बाद दिल्ली के क्राइम ब्रांच Police स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 21/22 के तहत First Information Report नंबर 191 दर्ज की गई. जांच के दौरान अन्य आरोपी मोरिस ओकाली की Police कस्टडी रिमांड के बाद, आरोपी मोरिस ओकाली की जानकारी पर दो और आरोपियों को दिल्ली के चंदर विहार, निलोथी इलाके से पकड़ा गया. इनमें इमैनुएल, जो अकरा, घाना का रहने वाला है और जिसकी उम्र लगभग 38 वर्ष है और इबेगबु चिगोजी सैमुअल, जो लागोस, नाइजीरिया का रहने वाला है और जिसकी उम्र लगभग 50 वर्ष है, शामिल हैं. तलाशी लेने पर आरोपी इबेगबु चिगोजी सैमुअल के पास से 254 ग्राम अच्छी क्वालिटी की हेरोइन बरामद हुई, जबकि आरोपी इमैनुएल के पास से 14 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई.

आगे की जांच के दौरान दो और सह-आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें समीर उर्फ ​​नन्हे (निवासी नंद नगरी, दिल्ली, उम्र लगभग 28 वर्ष) और एक महिला (निवासी शालीमार गार्डन, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, उम्र लगभग 36 वर्ष) शामिल हैं. आरोपी समीर उर्फ ​​नन्हे को शालीमार गार्डन, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया और उसके पास से 300 ग्राम अच्छी क्वालिटी की हेरोइन बरामद हुई. इसके बाद आरोपी महिला को पश्चिम विहार, दिल्ली से पकड़ा गया.

अब तक की जांच से पता चला है कि आरोपी समीर उर्फ ​​नन्हे और महिला दिल्ली-एनसीआर इलाके में चल रहे नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और हेरोइन व एमडीएमए की खरीद, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और वितरण में शामिल थे. आगे की जांच-पड़ताल से पता चला है कि आरोपी समीर उर्फ ​​नन्हे का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. इसी तरह आरोपी महिला भी पहले अपराध कर चुकी है और कई आपराधिक मामलों में शामिल पाई गई है.

जांच में एक अच्छी तरह से संगठित अंतर-राज्यीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क का पता चला है, जिसमें भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल हैं. ये लोग दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हेरोइन और एमडीएमए की खरीद और अवैध वितरण के लिए मिलकर काम कर रहे थे. जांच के दौरान लगातार हुई गिरफ्तारियों और भारी मात्रा में बरामदगी से यह साबित हो गया है कि उक्त आरोपी नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की संगठित तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल थे.

छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और नियंत्रण से Police ने 2.554 किलोग्राम हेरोइन, 881 ग्राम एमडीएमए और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. बरामद ड्रग्स की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 12 करोड़ रुपए है. वहीं, क्राइम ब्रांच की ओर से गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उनकी भूमिकाओं का पता लगाने और पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिशें जारी हैं.

डीके/डीकेपी