
jaipur, 17 जुलाई . Rajasthan के पूर्व Chief Minister और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने Friday को पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में देरी को लेकर भजनलाल शर्मा Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने Rajasthan हाईकोर्ट की उस कड़ी मौखिक टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि “अगर आयोग चुनाव नहीं करा सकता तो हमें बताएं, जज चुनाव करवा देंगे.”
गहलोत ने कहा कि अदालत की यह टिप्पणी राज्य की बड़ी प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है. उन्होंने राज्य की भाजपा Government के लिए इस स्थिति को शर्मनाक बताया.
Thursday को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में हो रही लंबी देरी पर नाराजगी जताई थी और मौखिक रूप से कहा था कि अगर Rajasthan राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराने में सक्षम नहीं है, तो हमें बताएं, जज चुनाव करवा देंगे. अदालत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि देरी राज्य Government की बड़ी प्रशासनिक विफलता को दिखाती है.
कांग्रेस नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “राज्य Government के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है कि पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में जानबूझकर देरी के कारण माननीय हाईकोर्ट को कहना पड़ा कि ‘अगर आयोग चुनाव नहीं करा सकता तो हमें बताएं, जज चुनाव करवा देंगे.’ यह Rajasthan Government की बड़ी प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है.”
गहलोत ने हाईकोर्ट में दिए गए उन तर्कों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के आरक्षण से जुड़ी जानकारी मांगने के लिए पंचायती राज विभाग को छह पत्र लिखे थे, लेकिन उसे जरूरी जानकारी नहीं मिली.
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि पंचायती राज विभाग Government के दबाव में काम कर रहा है और Rajasthan Government समय पर चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है.
गहलोत ने कहा, “Government संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है.” पूर्व Chief Minister ने Rajasthan Government पर बार-बार अदालत के निर्देशों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया और संवैधानिक सिद्धांतों और न्यायपालिका का अपमान बताया.
उन्होंने कहा, “जो Government न्यायपालिका का सम्मान करने में विफल रहती है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बाधा डालती है, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक या संवैधानिक अधिकार नहीं है. ऐसी स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद नुकसानदायक है.”
Thursday की सुनवाई के दौरान Rajasthan हाईकोर्ट ने राज्य Government और राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने के लिए रोडमैप पेश करने का निर्देश दिया था.
अदालत ने Government को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने और 20 जुलाई तक आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने के लिए भी कहा. इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर चुनाव कार्यक्रम से जुड़ी पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया.
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एएमटी/एबीएम
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