
New Delhi, 9 अगस्त . रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने Sunday को सरकारी विभागों, खासकर रक्षा क्षेत्र में लागत को बेहतर बनाने, संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करने और मजबूत वित्तीय निगरानी सुनिश्चित करने में इंडियन कॉस्ट अकाउंट्स सर्विस (आईसीएएस) की भूमिका पर जोर दिया.
आईसीएएस के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिंह ने सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लागत प्रबंधन के तरीकों को मजबूत करने में आईसीएएस अधिकारियों की पेशेवर कुशलता, विश्लेषणात्मक समझ और अटूट समर्पण की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस सेवा ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने में लगातार एक अहम भूमिका निभाई है.
इस साल का समारोह ‘आत्मनिर्भर India के लिए लागत अनुकूलन में आईसीएएस अधिकारियों की भूमिका’ थीम के तहत मनाया गया. यह थीम ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ने के लिए India की आत्मनिर्भरता की कोशिशों में लागत और वित्तीय दक्षता के बढ़ते महत्व को दर्शाती है.
इस मौके पर रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार ने कहा कि देश में ही मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने में कॉस्ट अकाउंटिंग की विशेषज्ञता का महत्व बढ़ रहा है. इससे न केवल आयात पर India की निर्भरता कम होगी, बल्कि India एक्सपोर्ट मार्केट में भी प्रतिस्पर्धी बनेगा.
उन्होंने रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम में आईसीएएस अधिकारियों की खास और रणनीतिक भूमिका की तारीफ की. साथ ही, उन्होंने रक्षा खरीद के बदलते हालात में इस सेवा और इसके कामकाज को नए सिरे से ढालने और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने के लिए आईसीएएस अधिकारियों और रणनीतिक क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का आह्वान किया.
व्यय विभाग के सचिव वी. वुअलनाम ने केंद्र Government में प्रभावी लागत प्रबंधन की दिशा में आईसीएएस अधिकारियों के बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने आगे कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने में प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) को तेजी से अपनाए जाने के साथ, आईसीएएस अधिकारी लागत दक्षता, जोखिम का सही बंटवारा और प्रोजेक्ट की बेहतर संरचना सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
इस मौके पर आईसीएएस का एक यादगार ई-ब्रोशर जारी किया गया, जिसमें इस सेवा के विकास, मुख्य कार्यों, उल्लेखनीय उपलब्धियों और क्षमता-निर्माण की पहलों का विवरण दिया गया है.
बेहतरीन योगदान के लिए, रक्षा सचिव ने छह युवा आईसीएएस अधिकारियों को ‘सर्वोत्तम’, ‘अति उत्तम’, ‘उत्तम’ और ‘प्रोत्साहन’ प्रशंसा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया. ये पुरस्कार सेवा के युवा अधिकारियों के सराहनीय प्रयासों को प्रोत्साहित करने और उन्हें मान्यता देने के लिए शुरू किए गए हैं.
उद्घाटन सत्र के बाद दो दिलचस्प तकनीकी सत्र हुए, जो इनोवेशन, लगातार सीखने और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति आईसीएएस की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. “पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल” पर चर्चा हुई. इसमें सरकारी स्तर पर लागत और वित्तीय प्रबंधन कार्यों के लिए पब्लिक फाइनेंस वैल्यू चेन में दक्षता बढ़ाने और एआई के इस्तेमाल से होने वाले बड़े बदलावों की संभावनाओं पर विस्तार से बात की गई.
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एससीएच/डीकेपी
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