विश्व कप से बाहर होने के बाद जर्मनी में गहरी निराशा, कोच नागेल्समैन बोले-‘बिल्ड-अप प्ले बहुत धीमा था’

फॉक्सबोरो, 30 जून . जर्मनी के मुख्य कोच जूलियन नागेल्समैन ने फीफा विश्व कप 2026 से टीम के बाहर होने के बाद कहा कि “धीमी बिल्ड-अप प्ले” ने चार बार की विश्व चैंपियन टीम से राउंड ऑफ 16 में पहुंचने का मौका छीन लिया है.

बोस्टन स्टेडियम में Tuesday को खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में जर्मनी का अभियान नाटकीय अंदाज में समाप्त हो गया. नियमित समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने जर्मनी को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया.

फीफा विश्व कप के इतिहास में जर्मनी इससे पहले कभी भी पेनल्टी शूटआउट में नहीं हारा था. लगभग मुकाबले से बाहर हो चुकी जर्मन टीम को मैनुअल नोयर ने बराबरी दिलाकर वापस मुकाबले में ला दिया, लेकिन आखिरकार पराग्वे ने अपनी तीसरी सफल स्पॉट-किक के दम पर अंतिम 16 में जगह पक्की कर ली.

नागेल्समैन ने कहा, “ड्रेसिंग रूम में गहरी निराशा का माहौल है. दुर्भाग्य से फुटबॉल कभी-कभी ऐसा ही होता है. कुछ टीमें बेहद साधारण तरीकों से भी जीत हासिल कर लेती हैं और आपको उन तरीकों का लगातार बचाव करना पड़ता है. हमने अपने प्रतिद्वंद्वी को दौड़ाने और उस पर दबाव बनाने में बहुत ज्यादा समय लगा दिया. हम गेंद को बॉक्स में कहीं अधिक बार डाल सकते थे. हमें मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट तक जाने से पहले ही कर देना चाहिए था.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा बिल्ड-अप प्ले बहुत धीमा था और फिर एक समय ऐसा आया जब हमने अधिक सीधा और ताकत के दम पर खेलने का तरीका अपना लिया. हमें कई सेट पीस मिले और हमें मैच को अलग तरीके से खेलना चाहिए था, लेकिन हम ऐसा करने में सफल नहीं हो सके.”

पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी की ओर से पहला पेनल्टी शॉट चूकने वाले काई हावर्ट्ज़ ने स्वीकार किया कि पूरे टूर्नामेंट में अच्छा फुटबॉल खेलने के बावजूद टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी.

हावर्ट्ज़ ने कहा, “मेरे पास शब्द नहीं हैं. यह मेरा दूसरा विश्व कप है और दोनों बार कुछ हासिल नहीं हो सका. मैं सिर्फ माफी मांग सकता हूं. मुझे लगता है कि पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हमने खराब फुटबॉल नहीं खेला, लेकिन हर बार कुछ न कुछ कमी रह गई. आज भी वही हुआ. हमें खुद का गंभीरता से आकलन करना होगा, खासकर खिलाड़ियों को. मैं इसमें कोच को शामिल नहीं कर रहा हूं.”

पीएम