
New Delhi, 4 अगस्त . राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने ‘समृद्ध मातृत्व अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में देश में घटती जनसंख्या, बांझपन की बढ़ती समस्या, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार और तमिलनाडु में विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने कहा कि देश के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती जनसंख्या नहीं, बल्कि घटती जनसंख्या और बांझपन की समस्या बनती जा रही है, जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर विमर्श की आवश्यकता है.
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि लंबे समय तक देश में जनसंख्या वृद्धि को राष्ट्रीय समस्या मानकर उस पर व्यापक स्तर पर काम किया गया. लेकिन, अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और आज देश के सामने घटती जनसंख्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है. India का प्रजनन दर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी नीचे पहुंच चुका है, लेकिन इस विषय पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो रही है. केंद्र Government, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि बांझपन केवल जनसंख्या में कमी का कारण नहीं बन रहा, बल्कि इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रूप से सामने आ रहे हैं. इस विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का बड़ा विमर्श आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के लोग भाग लेंगे.
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार पर राजद सांसद ने कहा कि यह केवल एक चुनावी हार नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में तेजी से आ रहे बदलाव का स्पष्ट संकेत है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रभाव वाले क्षेत्र में मिली हार यह दर्शाती है कि जनता अब सत्ता के अहंकार और मनमानी के खिलाफ अपना निर्णय दे रही है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को लगता था कि वह छात्रों पर गोली चलाकर, किसानों को दबाकर, राम मंदिर दान से जुड़े कथित विवादों को छिपाकर और कथित फर्जी एनकाउंटरों के जरिए जनता की आवाज को दबा सकता है. बांकीपुर का चुनाव परिणाम इन सभी मुद्दों पर जनता का जनमत है और भाजपा को समय रहते आत्ममंथन करने की जरूरत है. विपक्ष लगातार संसद और विधानसभा के माध्यम से इन मुद्दों को उठाता रहा है, लेकिन Government ने उन्हें नजरअंदाज किया. अब जनता ने चुनाव के जरिए अपना जवाब दे दिया है. यदि Government अपने कामकाज में सुधार नहीं करती है, तो जनता उसे सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार है.
जेडीयू विधायक अनंत सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को Chief Minister पद से हटाए जाने का असर उपचुनाव पर पड़ा, सुधाकर सिंह ने कहा कि यह केवल तात्कालिक कारणों में से एक हो सकता है. चुनावी हार का असली कारण किसी एक व्यक्ति का पद पर रहना या हटना नहीं, बल्कि Government की नीतियां और जनता से जुड़े मुद्दे हैं. बिहार में फर्जी एनकाउंटर, छात्रों पर गोलीबारी, किसानों की जमीन से जुड़े विवाद और अन्य जनसरोकार के मुद्दे जनता के बीच प्रमुख विषय रहे हैं. यदि सत्तारूढ़ दल इन मुद्दों पर गंभीरता से काम नहीं करेगा तो चुनाव में हार निश्चित है.
तमिलनाडु में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सुधाकर सिंह ने कहा कि वह इस कार्रवाई का समर्थन नहीं करते. उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य प्रकृति का मामला था, लेकिन विपक्ष के नेता को जेल भेजना एक असाधारण कदम है. देश में ऐसी प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है कि सत्ता में आते ही विपक्षी नेताओं को जेल भेजने की कोशिश की जाती है. यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है और चुनावों के माध्यम से जनता इस तरह की कथित तानाशाही प्रवृत्तियों का जवाब दे रही है.
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