
हरारे, 19 अगस्त . अफ्रीकी संघ (एयू) आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने Wednesday को लेक करिबा फेरी हादसे के बाद जिम्बाब्वे की Government और वहां के लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया. इस हादसे में 94 लोगों की मौत हो गई है.
यूसुफ ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि दुख की इस मुश्किल घड़ी में, मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों और इस दुखद घटना में बचे लोगों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि मैं उनके लिए हिम्मत, सांत्वना और इस गहरे दुख से उबरने की शक्ति की कामना करता हूं.
यूसुफ ने कहा कि एयू जिम्बाब्वे के लोगों और प्रभावित समुदायों के साथ एकजुटता से खड़ा है.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि Tuesday तक 77 यात्रियों को बचाया गया, 94 शव बरामद किए गए और 10 से भी कम लोग लापता हैं.
एक कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जिम्बाब्वे Government ने Tuesday को लेक कराइबा में फेरी पलटने की घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है.
कार्यवाहक सूचना, प्रचार और प्रसारण सेवा मंत्री मोनिका मुत्स्वांगवा ने जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में कैबिनेट के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि 11 अगस्त को लेक करिबा में पलटी यात्री फेरी में लगभग 180 यात्री और सामान लदा था, जो उसकी क्षमता से अधिक थे.
खबरों के मुताबिक, तेज लहरों की चपेट में आने के बाद नाव पलट गई. मुत्स्वांग्वा ने कहा कि Government ने इस बात पर ध्यान दिया है कि मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर झील का इस्तेमाल करने वालों को नाव न चलाने की सलाह दी थी.
मुत्स्वांग्वा ने बताया कि 18 अगस्त तक 77 यात्रियों को बचाया गया और 93 लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि सात लोग, जिनके नाव पर होने की पुष्टि उनके रिश्तेदारों ने की थी, अभी भी लापता हैं.
मुत्स्वांग्वा ने कहा कि Government ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है, जिसमें नाव के ढांचे की जांच और संचालन व नियमों के पालन से जुड़े मुद्दों की पड़ताल शामिल है.
उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए स्थानीय Government और लोक निर्माण मंत्री डैनियल गार्वे ने इस दुर्घटना के लिए मानवीय भूल और नाव के कप्तान की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया. कप्तान ने मौसम विभाग की शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए यात्रा जारी रखी थी, जबकि विभाग ने नाव न चलाने की सलाह दी थी.
गार्वे ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि नाव चलने लायक नहीं थी. उन्होंने पुष्टि की कि नाव के पास परिवहन और बुनियादी ढांचा विकास मंत्रालय द्वारा जारी वैध फिटनेस सर्टिफिकेट था.
कैबिनेट ने इस बात का पता लगाने के लिए पूरी जांच को मंजूरी दे दी है कि किन हालात में कप्तान ने शुरुआती चेतावनियों और सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया.
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एमएस/
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