
Bhopal , 12 अगस्त . मध्यप्रदेश के पूर्व Chief Minister एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने Chief Minister मोहन यादव को पत्र लिखकर बालाघाट जिले के आदिवासी ब्लॉक बिरसा में दूषित पानी और संक्रमण से उपजी बीमारियों के कारण आदिवासी बच्चों की मृत्यु और बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है.
दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी ब्लॉक बिरसा में ग्यारह आदिवासी बच्चों ने विगत एक सप्ताह में दूषित पानी और संक्रमण से उपजी बीमारियों से दम तोड़ दिया है. जिला प्रशासन ने सात बच्चों की मृत्यु की पुष्टि की है, जबकि चार बच्चों की जानकारी छुपाई जा रही है. बालाघाट जिला चिकित्सालय में अब तक 100 से अधिक बच्चों को भर्ती कराया गया है, जिनमें से 40-50 बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य Government 6 अगस्त से ‘जनविश्वास अभियान’ चला रही है, वहीं दूषित पानी से फैली मौसमी बीमारी के प्रभाव से मलेरिया, निमोनिया, सर्दी-खांसी और चर्म रोग से बिरसा विकासखंड के अनेक ग्राम प्रभावित हैं. ये सभी गांव जिला मुख्यालय बालाघाट से करीब 100 किमी दूर हैं. पिछले दस दिन से हर दूसरे घर में बच्चे गंभीर बुखार से पीड़ित हैं. विशेष रूप से ग्राम बोंदारी, कुंडेकसा और कोरका से लगे टोले-मजरों में दहशत का माहौल है.
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पत्र में आदिवासी नेता शुभम उईके के हवाले से लिखा है कि जिला चिकित्सालय का बच्चा वार्ड पूरी तरह से बीमार बच्चों से भर गया है और अब तक 11 बच्चों की जान जा चुकी है. बोंदारी गांव में मजदूरी करने वाले समारू धुर्वे के दो बच्चे साहिल धुर्वे और नामिन धुर्वे की निमोनिया से तड़पते हुए मौत हो गई है और यह परिवार तबाह हो गया है. इसी प्रकार प्रीति मरकाम, अरविंद धुर्वे ग्राम कुंडेकसा, सचिन मरकाम ग्राम बोंदारी, पूजा धुर्वे और रूपलाल धुर्वे, ग्राम बोंदारी ने तेज बुखार से दम तोड़ दिया है.
उन्होंने बताया कि बिरसा के विधायक संजय उइके ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शीघ्र उपचार कराने जिला चिकित्सालय भेजा है. वहीं बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने पीड़ित बच्चों से मुलाकात कर उचित इलाज करने के लिए सिविल सर्जन से चर्चा की है.
दिग्विजय सिंह ने Chief Minister से कहा कि राज्य Government ने दो दिन पूर्व विश्व आदिवासी दिवस मनाने की औपचारिकता पूरी की है, वहीं प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजाति में शामिल बैगा आदिवासी परिवारों पर संक्रमण की बीमारी कहर बनकर टूटी है. अनेक परिवारों में मातम छा गया है और बच्चों की जिंदगी चली गई है. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है.
उन्होंने पत्र में कहा कि एक तरफ Government ‘हर घर नल से जल’ के नाम पर 30 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, वहीं बिगड़ी नल-जल परियोजना हो या दूषित जल स्रोत, आदिवासियों की जिंदगी से मजाक किया जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि विभागीय लापरवाही से जनित इस प्रकोप की राज्य स्तर से जांच कराई जाए और दोषी अमले पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
उन्होंने Chief Minister से निवेदन किया है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव को चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ संक्रमित ग्रामों का दौरा कर मेडिकल टीम सहित कैम्प करने के निर्देश दिए जाएं. उन्होंने कहा कि गरीबी का दंश झेल रहे आदिवासी परिवार बड़ी विपदा का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने प्रत्येक मृत बच्चे के परिवार को दस लाख रुपये की राहत राशि Chief Minister सहायता कोष से दिए जाने की मांग की है. साथ ही गंभीर रूप से बीमार बच्चों को एयरलिफ्ट कर नागपुर, रायपुर या Bhopal में भर्ती कराया जाए और राज्य शासन की ओर से इलाज का सम्पूर्ण खर्च वहन किया जाए. दिग्विजय सिंह ने Chief Minister से इस गंभीर स्थिति में आवश्यक सहयोग और तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की है.
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एसके/
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