
सीधी, 30 जून . Madhya Pradesh के सीधी जिले में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक 19 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत हो गई. इस घटना के बाद पिछले डेढ़ साल में अस्पताल में माताओं की मौतों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक खरे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बेहद दुखद मामला है. मृतका श्यामकली, उम्र 19 वर्ष, नौवें महीने की गर्भवती थी और कुसमी ब्लॉक के एक गांव की रहने वाली थी. महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन करीब 15 मिनट बाद उसकी मौत हो गई.
डॉ. खरे ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी. उन्होंने बताया कि सिर्फ यह घटना ही नहीं, बल्कि पिछले समय में हुई सभी मातृ मृत्यु के कारणों की भी जांच की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि किन परिस्थितियों में इतनी अधिक मौतें हो रही हैं और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं.
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. इसके लिए अस्पताल स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
मृतका के परिजन राजेश सिंह ने बताया कि श्यामकली को पिछले कई दिनों से प्रसव संबंधी परेशानी थी. परिवार ने पहले उसे कुसमी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन वहां उचित सुविधा न मिलने की बात कही गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया. उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद लगभग आधे घंटे तक इलाज चला, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.
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पीआईएम/एएस
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