दादरी पुलिस की कार्रवाई: फायरिंग और मारपीट के मामले में चार वांछित आरोपी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा, 25 जुलाई . गौतमबुद्ध नगर की थाना दादरी Police ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध .32 बोर पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है. अवैध हथियार की बरामदगी के बाद Police ने मामले में शस्त्र अधिनियम की धाराओं की भी बढ़ोतरी कर दी है.

Police के अनुसार, 24 जुलाई को एक पीड़ित द्वारा थाना दादरी में शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और बाद में जान से मारने की नीयत से उस पर फायरिंग की. पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना दादरी में मुकदमा संख्या 351/2026 दर्ज किया गया.

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू की गई. घटना के बाद से Police आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी. इसी क्रम में 25 जुलाई को थाना दादरी Police ने गोपनीय सूचना और सघन जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए आनंदपुर गांव जाने वाले रास्ते से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अजय पुत्र भभूती, प्रशांत पुत्र पप्पू, गौरव पुत्र विजयपाल तथा महेश उर्फ मोनू पुत्र रणवीर सिंह के रूप में हुई है.

पूछताछ और तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी अजय के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध .32 बोर पिस्टल तथा एक जिंदा .32 बोर कारतूस बरामद हुआ. इसके बाद Police ने मूल मुकदमे में शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25/27 की भी बढ़ोतरी कर दी है. Police का कहना है कि बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे यह भी पता लगाया जा सके कि इसका इस्तेमाल किसी अन्य वारदात में तो नहीं हुआ है.

गिरफ्तार आरोपियों में अजय (24 वर्ष), प्रशांत (19 वर्ष) और गौरव (24 वर्ष) ग्राम मायचा, थाना दादरी के निवासी हैं, जबकि महेश उर्फ मोनू (30 वर्ष) ग्राम कोट, थाना दादरी का रहने वाला है. Police सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से तो नहीं है.

दादरी Police ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है.

पीकेटी/डीकेपी