
इस्लामाबाद, 5 जुलाई . Pakistan के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और गैंगरेप मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है. जांच एजेंसियां अब इस मामले में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विवाद की भी पड़ताल कर रही हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार पर महिलाओं से क्रिप्टो फंड हासिल करने के लिए उन्हें बंधक बनाने और फिरौती मांगने का आरोप है.
रिपोर्ट के अनुसार, मुहम्मद Pakistan के उप-Prime Minister और विदेश मंत्री इशाक डार का रिश्तेदार है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपी को इशाक दार का पोता भी बताया गया है.
दो जीवित बची महिलाओं में से एक ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान में आरोप लगाया कि हथियारबंद लोगों ने उन्हें और उनकी साथी को एक घर में बंधक बना लिया. आरोपी डार ने लगातार कंप्यूटर और क्रिप्टोकरेंसी फंड की जानकारी मांगी.
अपने बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि मुहम्मद रजा डार ने उसकी रिहाई के बदले 1 लाख डॉलर (100,000 डॉलर) की रकम हासिल की.
एआरवाई डिजिटल ने पीड़िता के बयान की कॉपी हासिल की और उसी के आधार पर बताया कि पीड़िता से आरोपियों ने कहा कि अगर पैसे दे दिए गए तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा.
एआरवाई न्यूज के मुताबिक, महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज अपने बयान में दावा किया कि आरोपियों ने उससे पूछा, “पैसों वाला कंप्यूटर कहां है?” इस पर उसने बताया कि वह हरे रंग के बैग में रखा है.
पीड़ित महिला ने आगे बताया कि उसके सिर पर भी किसी चीज से वार किया गया था. उसने यह भी आरोप लगाया कि बंधक बनाए जाने के दौरान दो आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया, जबकि एक अन्य आरोपी बाहर निगरानी करता रहा.
महिला ने दर्ज बयान में आगे कहा, “आरोपी लगातार हंस रहे थे, थप्पड़ बरसा रहे थे और जब मैं रोने लगी तो मुझे चुप रहने के लिए कहा गया.”
महिला ने दावा किया कि मुख्य आरोपी डार ने उसके मोबाइल फोन से उसके संपर्कों को पैसे भेजने के लिए संदेश भी भेजे. बाद में उसकी साथी की मां ने आरोपियों को बताया कि 1 लाख डॉलर की व्यवस्था कर ली गई है. इसके बाद आरोपी ने पैसे मिलने की बात कही.
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें एयरपोर्ट ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में मुख्य आरोपी की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद दोनों महिलाओं को बचा लिया गया.
Police जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी की दोनों महिलाओं से पिछले साल सिंगापुर में मुलाकात हुई थी. बताया जा रहा है कि वे एक क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़े थे. जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने ही दोनों महिलाओं के Pakistan आने के लिए बिजनेस वीजा की व्यवस्था की थी.
नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली दोनों महिलाओं का कथित तौर पर 29 जून को लाहौर में अपहरण किया गया था, जिसके बाद गैंगरेप की वारदात हुई. Police अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक अभी भी फरार है. अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की Police रिमांड पर भेज दिया है.
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केआर/
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