कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता, इराकी तेल मंत्री ने कहा

नई दिल्ली (New Delhi) . पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जनता त्रस्त है.लोग सरकार से उम्मीद लगाकर बैठे है.लेकिन ये उम्मीद पूरी होने की बहुत कम संभावना है.क्योंकि तेल उत्पादक देश ओपेक ने ऐसा संकेत दिया है,जिसके बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल (Petrol) और डीजल की कीमतों में और आग लग सकती है.
फिलहाल कच्चे तेल के भाव में उछाल देखने को मिल रहा है.कच्चा तेल (ब्रेंट) 86 डॉलर (Dollar) प्रति बैरल के पार निकल गया है. इराकी तेल मंत्री एहसान अब्दुल जब्बारी ने कहा कि ब्रेंट का भाव 100 डॉलर (Dollar) प्रति बैरल के पार जा सकता है. ब्रेंट का भाव पिछले एक साल में दोगुना (guna) हो चुका है.

इराकी मंत्री के बयान के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है.वहीं ओपेक ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने पर विचार नहीं है.इतना ही नहीं ठंड बढ़ने के साथ ही क्रूड की मांग में इजाफा होगा.लेकिन ओपेक देश दिसंबर तक तेल उत्पादन बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. फिलहाल 7 साल के ऊंचाई पर क्रूड के भाव नजर आ रहे हैं. इधर तेल की बढ़ती कीमतों पर ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री के दिग्गजों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने चर्चा की है.कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सिर्फ डीजल-पेट्रोल (Petrol) ही नहीं, बल्कि बहुत सारी अन्य चीजें भी महंगी हो रही हैं.

उल्लेखनीय है कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल मध्य पूर्व और खाड़ी देशों से खरीदता है.हाल के दिनों में कच्चे तेल में उछाल से भारत का तेल आयात बिल कई गुना (guna) बढ़ गया है.इससे कोरोना संकट के बीच सरकार की परेशानी बढ़ी है.भारत अपनी जरूरत का कच्चा तेल इराक, अमेरिका और सऊदी अरब से आयात करता है.सऊदी जहां भारत के लिए पारंपरिक तेल निर्यातक देश रहा है.फिलहाल सऊदी अरब, रूस और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े तेल सप्लायर्स हैं.

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