ओडिशा: कक्षा 1 से 8 तक की किताबों में गड़बड़ी की जांच क्राइम ब्रांच ने संभाली, केस दर्ज

भुवनेश्वर, 13 जुलाई . Odisha Police की क्राइम ब्रांच ने राज्य में कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली पाठ्यपुस्तकों की तैयारी, मंजूरी और प्रकाशन में हुई अनियमितताओं की जांच आधिकारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है. इस मामले में Monday को केस दर्ज किया गया.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक शिक्षा एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की निदेशक मधुस्मिता साहू की ओर से दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने केस नंबर 08/2026 दर्ज किया है.

मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 316(5), 201, 3(5) और 61(2) के तहत दर्ज किया गया है.

क्राइम ब्रांच ने बताया कि मामले की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के डीएसपी नरेंद्र कुमार बेहरा कर रहे हैं. जांच की निगरानी एसपी, सीआईडी क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में की जा रही है. कक्षा 1 से 8 तक की किताबों की तैयारी, मंजूरी, प्रक्रिया और प्रकाशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं.

गौरतलब है कि कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली किताबों में मिली गलतियों को गंभीरता से लेते हुए Chief Minister मोहन चरण माझी ने 11 जुलाई को महत्वपूर्ण फैसला लिया था. उन्होंने किताबों की तैयारी, मंजूरी और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया की आपराधिक जांच कराने के निर्देश दिए थे.

Chief Minister ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक को मामले की स्वतंत्र जांच के लिए क्राइम ब्रांच के Police अधीक्षक के पास First Information Report दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे.

इससे पहले Chief Minister ने किताबों में हुई गलतियों के कारणों का पता लगाने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था.

समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के पूर्व निदेशक और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया गया था, जबकि छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए थे.

बता दें कि नई प्रकाशित स्कूली किताबों में सैकड़ों गलतियां सामने आई थीं, जिसके बाद राज्य Government को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था. विपक्ष ने Government पर सवाल उठाये थे तो वहीं, Government ने भी एक्शन लिया था और मामले की जांच के आदेश दिए गए थे.

एएमटी/डीकेपी