
New Delhi, 26 मई . कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) सीपीआई(एम) ने एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे और उनके तुरंत बाद तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) में शामिल होने की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम स्वस्थ लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अनुकूल नहीं हैं.
सीपीआई(एम) के तमिलनाडु राज्य सचिव पी. शनमुगम ने एक बयान में कहा कि एआईएडीएमके टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए कई विधायकों ने अचानक इस्तीफा दे दिया और बाद में टीवीके में शामिल हो गए, जो अब तमिलनाडु में Political बहस का विषय बन गया है.
उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके में चुनाव के बाद से लगातार आंतरिक कलह और गुटबाजी चल रही है, जिसके कारण इस्तीफे की वर्तमान स्थिति उत्पन्न हुई है.
हालांकि इस्तीफा देने वाले विधायक यह दावा कर सकते हैं कि टीवीके में शामिल होना उनका अपना निर्णय था, सीपीआई(एम) ने कहा कि इसे बिना किसी Political लाभ या फायदे की उम्मीद के पूरी तरह से स्वाभाविक Political घटनाक्रम के रूप में देखना मुश्किल है.
पार्टी ने आगे कहा कि इस तरह का रुझान स्वस्थ Political प्रथाओं के अनुरूप नहीं है.
सीपीआई (एम) ने यह भी बताया कि विधानसभा में हाल ही में हुए विश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके Government के समर्थन में मतदान करने के कारण विधायकों को पहले से ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है. इस संदर्भ में, विधायकों को तुरंत टीवीके में शामिल करना सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा ऐसे कार्यों को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा सकता है.
सीपीआई (एम) तमिलनाडु राज्य समिति ने दोहराया कि वर्तमान Political रुझान अस्वस्थ है और लोकतांत्रिक राजनीति के लिए उपयुक्त नहीं है.
इससे पहले तमिलनाडु में सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) Government और विपक्षी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के बीच Political टकराव Tuesday को और तेज हो गया. एआईएडीएमके ने Government पर सक्रिय रूप से दलबदल को बढ़ावा देने और विधानसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का आरोप लगाया.
सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व वाले गुट के विधायक अग्रि कृष्णमूर्ति ने एआईएडीएमके विधायकों से जुड़े हालिया Political घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की और अयोग्यता कार्यवाही के संचालन पर सवाल उठाए.
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एमएस/
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