रांची में छात्रों पर कार्रवाई की सीपीआई ने की निंदा, बातचीत से समाधान निकालने की मांग

New Delhi, 11 अगस्त . भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी. राजा ने रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर Police कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और उनका संबंध परीक्षा, भर्ती प्रक्रिया तथा उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में डी. राजा ने कहा, “न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित युवाओं को कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.”

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है. उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई छात्रों की नाराजगी और असंतोष को और बढ़ाएगी.

सीपीआई नेता ने राज्य Government से छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग तत्काल बंद करने की मांग की. उन्होंने कहा कि Government को प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ सार्थक बातचीत का माहौल बनाना चाहिए और उनके प्रतिनिधियों को संवाद के लिए बुलाना चाहिए. छात्रों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना जाना चाहिए और उनकी वैध मांगों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. लोकतंत्र में असहमति का जवाब बैरिकेड और Police कार्रवाई नहीं हो सकता.

उन्होंने जोर देकर कहा कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों के प्रति Government की प्रतिक्रिया हिंसा नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता होनी चाहिए. सीपीआई का मानना है कि बातचीत के जरिए ही इस मुद्दे का शांतिपूर्ण और सकारात्मक समाधान निकाला जा सकता है.

वहीं, जेपीएससी आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने रांची शहर में अलग-अलग जगहों पर कई विरोध प्रदर्शन किए. भाजपा कार्यकर्ताओं ने रातू रोड पर प्रदर्शन किया और टायर जलाए. इस प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया.

इस बीच, Jharkhand विधानसभा का मानसून सत्र Tuesday को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जेपीएससी-जेएसएससी मामले को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. बाद में जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हंगामा थमने का नाम नहीं लिया. हंगामे के बीच Chief Minister हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर अपना भाषण दिया.

लगातार हंगामे के कारण सदन का संचालन मुश्किल हो गया. अंततः विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की.

एएमटी/एबीएम