कोर्ट ने बेटी की रेप के बाद हत्या करने वाले पिता की फांसी की सजा को रखा बरकरार

कोटा . कोटा की पोक्सो कोर्ट ने करीब पांच साल पहले अपने मंदबुद्धि नाबालिग बेटी से रेपकर उसकी हत्या (Murder) करने वाले रेपिस्ट पिता की फांसी की सजा को बरकरार रखा है. साथ ही कोर्ट ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने एक साल पहले भी आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी. दरअसल 13 मई 2015 को नयापुरा थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी. मृतका का पिता वेयरहाउस में गार्ड का काम करता था.

वह अपनी 17 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करता था. इससे वह गर्भवती हो गई. आरोपी पिता ने उसे गर्भ गिरवाने के लिये कहा, लेकिन जब बेटी ने इसके लिये मना कर दिया तो आरोपी ने उसकी हत्या (Murder) कर दी. बाद में खुद ने ही झूठी कहानी गढ़कर पुलिस (Police) में मामला दर्ज करा दिया. मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि वह चार माह के गर्भ से थी. इस कारण पुलिस (Police) ने उनका डीएनए सैंपल लिया था.

बाद में मृतका की मां ने पुलिस (Police) को बताया कि उसका पति ही लंबे समय से बेटी के साथ रेप करता था. बेटी जब गर्भवती हो गई तो उसे मार दिया. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. बता दें ‎कि कोर्ट ने 18 गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिता को दोषी करार देते हुये गत वर्ष 20 जनवरी को उसे फांसी की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी, लेकिन रेपिस्ट ने सजा के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले में फिर से सुनवाई हुई थी.

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