
Mumbai , 20 मई . Enforcement Directorate (ईडी) ने नाशिक के कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार करने के बाद Wednesday को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया. कोर्ट ने खरात को 7 दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया.
कार्यवाही के दौरान जज ने खरात से पूछा कि क्या वह Police पर कोई आरोप लगाना चाहते हैं, तो उन्होंने सिर हिलाकर इनकार कर दिया.
जज ने खरात से पूछा, ‘आप पर लगे आरोप समझते हैं?’ खरात ने जवाब दिया कि जगदंबा पतसंस्था के मैनेजर ने उनसे पैसे का क्या करना है, यह पूछा था. उन्होंने 9 प्रतिशत ब्याज पाने के लिए बैंक में पैसा जमा किया. जब जज ने पूछा कि सबने आपको ही नॉमिनी क्यों बनाया, तो खरात ने कहा, ‘मुझे इसकी जानकारी नहीं थी.’
ईडी ने अशोक खरात की 7 दिनों की Police हिरासत की मांग की, जिसपर 26 मई तक ईडी हिरासत में भेज दिया गया है.
ईडी के अनुसार, अशोक खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर लोगों को धोखा दिया और एक शिकायतकर्ता से ही 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उगाही. जांच में सामने आया कि आरोपी ने धोखे से प्राप्त पैसे से लग्जरी कारें खरीदीं, फार्महाउस खरीदा और विदेश यात्राएं कीं. आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के पैसे से मर्सिडीज बेंज कार खरीदी. लोन चुकाने के बाद कार पर अपना कब्जा कर लिया. इसके अलावा शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड का भी दुरुपयोग किया गया. ईडी ने बताया कि अशोक खरात ने रियल एस्टेट के नाम पर भी 2.5 करोड़ रुपए की वसूली की.
जांच एजेंसी के मुताबिक, अशोक खरात ने 60 बैंक खाते खोले, जिनमें वह स्वयं लाभार्थी और नॉमिनी था. इन खातों से कुल 23.87 करोड़ रुपए नकद निकाले गए. ईडी अब इस नकदी के स्रोत और इसके इस्तेमाल की विस्तृत जांच कर रही है. बैंक ऑफ बड़ौदा में भी उसके नाम पर करोड़ों रुपए का संदिग्ध लेन-देन हुआ है.
ईडी ने अदालत को बताया कि अशोक खरात पर पहले भी कई First Information Report दर्ज हैं, जिनमें इसी तरह धोखाधड़ी और पैसे की उगाही के मामले सामने आए हैं. एक हर्षद नाम के व्यक्ति से भी करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है.
ईडी अधिकारियों के अनुसार यह मनी ट्रेल की जांच का मामला है. जांच में पता लगाया जा रहा है कि कितने लोगों को ठगा गया और धन का असली मालिक कौन है. नाशिक में अशोक खरात लंबे समय से ‘बाबा’ के रूप में सक्रिय था. वह शिव भक्तों को आध्यात्मिक इलाज और समस्याओं का समाधान बताकर लोगों से भारी रकम वसूलता था.
ईडी की टीम अशोक खरात की संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भी छानबीन कर रही है. इस मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.
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एससीएच/पीएम
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