विजयन को लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों तक पहुँचने से रोक रहे भ्रष्टाचार के आरोप – indias.news

तिरुवनंतपुरम, 4 फरवरी . केरल में हाल के दिनों में कोई भी नेता मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन जैसी ऊंचाई तक नहीं पहुंचा है और किसी का भी उनके जैसा बुरा पतन भी नहीं हुआ है. एक समय अजेय रहे विजयन को अब भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जो अब खतरा बनते जा रहे हैं.

विजयन अपने पहले कार्यकाल में भी स्वप्ना सुरेश के बड़े हमले का शिकार हुए थे, जिनके बारे में कहा जाता है कि वह विजयन, उनकी पत्नी और बेटी करीबी थीं. उन्होंने सोने और विदेशी मुद्रा की तस्करी सहित कई गंभीर आरोप लगाए. इन सबके बीच विजयन 2021 में दूसरा कार्यकाल जीतने में कामयाब रहे, वह भी और बड़े अंतर के साथ.

इसके बाद शुरू में तो उनकी लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ गया, लेकिन अब उनकी राह इतनी आसान नहीं दिख रही क्योंकि विपक्ष उनके खिलाफ पूरी ताकत से उतर रहा है. पहली बार कांग्रेस विधायक बने मैथ्यू कुझालनाडेन ने विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी आईटी कंपनी ‘एक्सलॉजिक’ पर हमला बोला है.

वीणा के संबंध में यह मुद्दा पिछले कुछ महीनों से छाया हुआ है, जब एक मीडिया रिपोर्ट में आयकर विभाग के कार्यालय के हवाले से दावा किया गया था कि उनकी कंपनी को कोच्चि स्थित खनन कंपनी सीएमआरएल से 1.72 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें राज्य सरकार के स्वामित्व वाली केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) की हिस्सेदारी है. कुझालनाडेन ने विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह ताबड़तोड़ हमले किये, जिससे विजयन को छिपने के रास्ते ढूँढ़ने पड़े.

शुक्रवार को, एक टीवी चैनल ने अपनी कंपनी के खिलाफ आरोपों पर विधानसभा में विजयन का 2022 का बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने वीणा के खिलाफ कुझालनाडेन के हमले को पूरी तरह से खारिज कर दिया. हालाँकि, इस पुराने फुटेज के सामने आने से कुछ घंटे पहले, कांग्रेस ने विजयन के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया था, और विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमशीर ने विपक्ष को इस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस पेश करने का मौका दिये बिना ही इसे तुरंत अस्वीकार कर दिया.

शमशीर ने कहा कि नियम ऐसे मुद्दे को उठाने की इजाजत नहीं देते जो अदालत में विचाराधीन हों. पूरा विपक्ष खड़ा होकर नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आ गया. अध्यक्ष के अपने रुख पर अड़े रहने के बाद विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन के नेतृत्व में सभी विपक्षी विधायकों को सदन से बहिर्गमन किया.

सतीसन ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, “दो वैधानिक एजेंसियां अब विजयन की बेटी की कंपनी के मामलों की जांच कर रही हैं और यह एक गंभीर मामला है. ध्यान देने वाली बात यह है कि एसएफआईओ की जांच बहुत गंभीर है और विजयन की बेटी की कंपनी की जांच की जा रही है. अब समय आ गया है कि विजयन इस्तीफा दें.“

उन्होंने कहा, “विजयन डरे हुए हैं और शुक्रवार को वह विधानसभा में मौजूद भी नहीं थे. इस घोटाले के पहली बार सामने आने के बाद भी उन्होंने यही कहा कि आयकर विभाग ने कभी भी उनकी कंपनी को सफाई देने का मौका नहीं दिया. अब कंपनी रजिस्ट्रार का कहना है कि गलती करने वाली कंपनी से जवाब मांगने के बावजूद उसने कभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.”

विपक्ष का ताजा हमला तब हुआ जब खबर फैली कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने वीणा की कंपनी और सीएमआरएल तथा केएसआईडीसी के मामलों की जांच शुरू कर दी है.

हालांकि विजयन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए दावा किया कि उनका दामन साफ है, लेकिन उन पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने कड़ा हमला बोला है.

मुरलीधरन ने कहा, “पिनाराई विजयन को हास्यास्पद बातें करनी बंद कर देनी चाहिए. वह इससे अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते. केवल यह कहने से कोई फायदा नहीं है कि उनका दामन बेदाग है. वीणा विजयन की आईटी फर्म से जुड़े मामले में जोड़ने के लिए कुछ भी नया नहीं है. सभी यह जानना चाहते हैं कि 1.72 करोड़ रुपये पाने के लिए उनकी आईटी फर्म ने सीएमआरएल को क्या सेवाएं प्रदान कीं.”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “यहां तक कि सीएमआरएल भी इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. विजयन यह कहकर बच नहीं सकते कि पहले सब हाथ धोकर उनकी पत्नी को फँसाना चाहते थे और अब उनकी बेटी को निशाना बनाया जा रहा है. ऐसी स्थिति आ गई है कि कन्नूर (विजयन का गृह जिला) के साथी भी विजयन की बातों पर विश्वास नहीं करेंगे.”

विजयन के लिए अब तक का एक बड़ा फायदा यह है कि उन्हें अपनी पार्टी से भारी समर्थन मिला है.

केरल माकपा के शीर्ष नेताओं की शुक्रवार को हुई एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और राज्य पार्टी सचिव एम.वी. गोविंदन ने मीडिया से कहा कि पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और इसलिए वे इससे राजनीतिक और कानूनी तरीके से निपटेंगे.

गोविंदन ने कहा, “सभी जानते हैं कि इस मामले में असली निशाना कोई और नहीं बल्कि विजयन हैं. अगर यह विजयन के बिना है तो यह मामला कुछ भी नहीं है. यह मामला अब शॉन जॉर्ज (सात बार के पूर्व विधायक पी.सी.जॉर्ज के बेटे – दोनों भाजपा में शामिल हो गए) के मामले को आगे बढ़ाने के बाद खबरों में है.”

जॉर्ज सीनियर ने कहा कि विजयन और वीणा दोनों के लिए चीजें कठिन होंगी क्योंकि जांच उन दोनों को पकड़ लेगी. जॉर्ज ने कहा, “मैंने पूरे मामले का अध्ययन किया है और पिता-पुत्री के लिए चीजें अच्छी नहीं हैं.”

विधानसभा का सत्र चल रहा है और कांग्रेस विजयन पर हमले करने के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे में आने वाले दिनों पर उत्सुकता से नजर रहेगी क्योंकि एसएफआईओ जल्द ही वीणा को नोटिस भेजेगा और इससे विजयन एक कठिन स्थिति में आ सकते हैं, जिस स्थिति में वह पहले कभी नहीं रहे हैं. .

एकेजे/