कॉप-14 सम्मेलन: प्रधानमंत्री ने कहा- भारत कुछ साल में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म कर देगा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कॉप-14 (कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कुछ साल में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म कर देगा. अब समय आ गया है कि विश्व के नेताओं को भी इसे गुडबाय कह देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह विश्वभर में स्वीकार्य है कि जलवायु परिवर्तन का नकारात्मक प्रभाव पूरा विश्व महसूस कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन टू कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन (यूएनसीसीडी) के 14वें सम्‍मेलन में मोदी ने विश्वभर के नेताओं को जलवायु परिवर्तन से लड़ने में योगदान देने को कहा.

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में आए मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत दो साल के कार्यकाल के लिए कॉप प्रेसीडेंसी को संभालने में प्रभावी योगदान देने के लिए भी तत्पर है. पर्यावरण संरक्षण में हम हर तरह से सहयोग करने की कोशिश करेंगे. जलवायु परिवर्तन भी विभिन्न प्रकार के भूमि क्षरण का कारण बन रहा है. समुद्र के जलस्तर में वृद्धि, अनियमित वर्षा और तूफान के कारण ऐसा हो रहा है.

जलवायु परिवर्तन का दुनियाभर में नकारात्मक प्रभाव- मोदी

मोदी ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन का बायोडाइवर्सिटी और जमीन दोनों पर असर होता है. सब जानते हैं कि इसका दुनियाभर में नकारात्मक प्रभाव हो रहा है. मेरी सरकार ने कृषि के कई तरीके जैसे माइक्रो-इरीगेशन जैसी तकनीक से किसानों की आय को दोगुनी करने का काम किया है. हम बायो-फर्टिलाइजर्स के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं और केमिकल कीटनाशक के इस्तेमाल को कम करने के प्रयास में है.’’

‘2 सालों में वन क्षेत्रों में 8 लाख हेक्टेयर की वृद्धि’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘2015 से 2017 के बीच भारत में वन क्षेत्रों में 8 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है. मैं आपका ध्यान ऐसे बंजर जमीन की ओर ले जाना चाहूंगा जिसे कभी रिवर्स नहीं किया जा सकता. प्लास्टिक के इस्तेमाल से प्रदूषित हुई भूमि के तरफ भी मैं आपका ध्यान ले जाना चाहूंगा. हमने जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया है जो जल संबंधी समस्याओं का सामाधान करता है.”

2 साल के लिए भारत यूएनसीसीडी का अध्यक्ष

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता में कमी और भूमि के बंजर होने का कारण इंसानी दखल है. तीनों आपस में जुड़े हुए हैं. अब सकारात्मक दखल के जरिए इसे सुधारने और भावी पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने का समय आ गया है. पिछले 200 साल में हमने पर्यावरण को जो नुकसान पहुंचाया है, उसे ठीक करना है. हर दो साल में बैठक शुरू होने के साथ ही भारत अगले दो साल के लिए यूएनसीसीडी का अध्यक्ष भी बन गया है. पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 2 सितंबर को कार्यक्रम का उद्घाटन किया था. यह सम्मेलन 13 सितंबर तक चलेगा.

Inline

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News

Inline

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News